दिव्यांग बंदियों को चिकित्सा, सहायक उपकरण, UDID कार्ड, कानूनी सहायता और पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराने की हुई समीक्षा
लखनऊ। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उत्तर प्रदेश की कारागारों में निरुद्ध दिव्यांग बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की निगरानी और प्रभावी अनुश्रवण के लिए सोमवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। महानिदेशक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं पी.सी. मीणा की अध्यक्षता में मुख्यालय में हुई बैठक में दिव्यांग बंदियों के अधिकारों और उनकी सुविधाओं की जनपदवार समीक्षा की गई।
डीजी जेल की अध्यक्षता में हुई निगरानी समिति की बैठक
सोमवार को कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश के मुख्यालय में “अनुश्रवण एवं अनुपालन हेतु निगरानी समिति” की बैठक हुई। यह समिति सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सत्यन नारावूर बनाम भारत संघ एवं अन्य मामले में पारित निर्देशों के अनुपालन के लिए गठित की गई है।
बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।
प्रदेश की सभी जेलों के वरिष्ठ अधीक्षक और अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
दिव्यांग बंदियों को मिल रही सुविधाओं की जनपदवार समीक्षा

बैठक में प्रदेश की विभिन्न कारागारों में निरुद्ध दिव्यांग बंदियों को मिल रही सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। इसमें मुख्य रूप से—
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं
आवश्यक सहायक उपकरण
जेलों में सुगम्यता यानी Accessibility
UDID कार्ड की उपलब्धता
विधिक सहायता
पुनर्वास की व्यवस्था
अन्य आवश्यक सुविधाएं
को लेकर जेलवार और जनपदवार स्थिति की जानकारी ली गई।
अधिकारों और गरिमा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश
महानिदेशक पीसी मीणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिव्यांग बंदियों के अधिकारों और गरिमा की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शासन और भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी जरूरी सुविधाएं दिव्यांग बंदियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से उपलब्ध कराई जाएं।
UDID कार्ड और सहायक उपकरणों पर विशेष जोर
डीजी जेल ने विशेष रूप से दिव्यांग बंदियों के UDID कार्ड जारी करने, आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने और जेलों में सुगम्यता से जुड़ी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कारागारों में Accessibility Audit की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
संबंधित विभागों से बेहतर समन्वय के निर्देश
बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि दिव्यांग बंदियों से जुड़ी सुविधाओं को उपलब्ध कराने में किसी तरह की समस्या न हो, इसके लिए संबंधित विभागों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए। जरूरत के अनुसार चिकित्सा एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की सहायता लेकर लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जेलों से मिले सुझावों और समस्याओं पर भी हुई चर्चा
बैठक के दौरान प्रदेश की विभिन्न कारागारों से प्राप्त सुझावों और समस्याओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों द्वारा सामने रखी गई समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए महानिदेशक ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अपर महानिरीक्षक कारागार प्रशासन धर्मेंद्र सिंह, उपमहानिरीक्षक कारागार सुभाष चंद्र शाक्य, डॉ. रामधनी, वरिष्ठ अधीक्षक रंगबहादुर पटेल सहित कारागार प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






