उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के तहत योगी सरकार ने औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। यूपीसीडा की 51वीं बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्राधिकरण का करीब दोगुना बजट मंजूर किया गया। बैठक में नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, भूमि अधिग्रहण, मौजूदा क्षेत्रों के विस्तार और औद्योगिक आधारभूत ढांचे को मजबूत करने से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।
फतेहपुर और अयोध्या के औद्योगिक क्षेत्रों को मंजूरी
बोर्ड ने नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण और क्रय से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी। इसके साथ ही फतेहपुर की कताई मिल, संधिनावा औद्योगिक क्षेत्र और अयोध्या के त्रिशुंडी औद्योगिक क्षेत्र के ले-आउट मानचित्रों को भी स्वीकृति दी गई। इससे इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, जलापूर्ति समेत जरूरी सुविधाओं के विकास का रास्ता साफ होगा और निवेशकों को जल्द औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
बंद उद्योगों को फिर शुरू करने की नई नीति
बैठक में बंद औद्योगिक इकाइयों के पुनर्जीवन के लिए नई Resumption Policy तैयार करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। इसके तहत निर्धारित शर्तें पूरी करने वाली बंद इकाइयों को दोबारा शुरू करने का अवसर मिलेगा। इससे निष्क्रिय औद्योगिक परिसंपत्तियों का उपयोग बढ़ेगा और नए निवेश के साथ रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
क्षेत्रीय कार्यालयों को 10 लाख तक की आकस्मिक निधि
यूपीसीडा के क्षेत्रीय कार्यालयों और निर्माण एवं विद्युत खंडों की आकस्मिक जरूरतों के लिए 10 लाख रुपये तक की निधि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इससे औद्योगिक क्षेत्रों में मरम्मत और अनुरक्षण कार्य तेजी से किए जा सकेंगे।
आवंटियों को लीज डीड के लिए अंतिम मौका
यूपीसीडा की आवासीय योजनाओं के पात्र आवंटियों को विलंब शुल्क के साथ 7 नवंबर 2026 तक लीज डीड निष्पादित कराने का अंतिम अवसर दिया गया है। तय समय सीमा तक प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले आवंटियों का आवंटन स्वतः निरस्त कर दिया जाएगा।
दोगुने बजट के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, बिजली, जलापूर्ति, ड्रेनेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार एवं आधुनिकीकरण पर जोर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से प्रदेश में निवेश का माहौल और मजबूत होगा, नए उद्योग स्थापित होंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यूपीसीडा बोर्ड के अध्यक्ष एवं अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग आलोक कुमार ने कहा कि दोगुना बजट प्राधिकरण की मजबूत वित्तीय स्थिति और दीर्घकालिक विकास दृष्टि को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि नए औद्योगिक क्षेत्रों, बड़े क्लस्टरों और आधुनिक आधारभूत ढांचे के विकास से उत्तर प्रदेश को निवेश, विनिर्माण और रोजगार सृजन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में तेजी आएगी।






