मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख निवेश और विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है। निवेश-अनुकूल नीतियों, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और पारदर्शी शासन के चलते बड़ी कंपनियां प्रदेश में निवेश का विस्तार कर रही हैं। इसी क्रम में आठ प्रमुख कंपनियों ने गौतमबुद्ध नगर में 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की योजना बनाई है। इन परियोजनाओं से 25 हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
इन कंपनियों में HCL-Foxconn, Avada Electro, Amber Enterprises, SAEL Solar, Oriana Power, CESC Green Power, IB Solar और Ascent Circuits शामिल हैं। इन निवेशों से प्रदेश के इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी सेक्टर को नई मजबूती मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था और एमएसएमई क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा।
ग्रीन एनर्जी सेक्टर में Avada Electro करीब 16,139 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जिससे लगभग 7,400 रोजगार सृजित होंगे। SAEL Solar 8,000 करोड़ रुपये के निवेश से करीब 7,760 रोजगार उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है। इसके अलावा Oriana Power 4,500 करोड़ और CESC Green Power 3,805 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
HCL-Foxconn (India Chip Pvt. Ltd.) सेमीकंडक्टर नीति के तहत 3,706 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। इससे करीब 3,000 रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं Ascent Circuits ने 3,250 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है।
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में Amber Enterprises 3,232 करोड़ रुपये का निवेश कर उत्पादन का विस्तार करेगी, जिससे लगभग 3,000 रोजगार सृजित होंगे। IB Solar करीब 3,000 करोड़ रुपये के निवेश से लगभग 3,200 रोजगार उपलब्ध कराने की योजना बना रही है।
प्रदेश सरकार की औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022, एफडीआई/एफसीआई एवं फॉर्च्यून-500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 और सेमीकंडक्टर नीति-2024 ने निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है। परियोजनाओं को समयबद्ध मंजूरी और आवश्यक प्रोत्साहन मिलने से कंपनियों का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है। सरकार का कहना है कि आधुनिक एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक गलियारों, बेहतर लॉजिस्टिक्स और कुशल मानव संसाधन के साथ उत्तर प्रदेश तेजी से देश का प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब बन रहा है। इन बड़े निवेशों से रोजगार के साथ स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला और एमएसएमई सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी तथा प्रदेश की 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को नई गति मिलने की उम्मीद है।






