पटना: बिहार की राजनीति में सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों को लेकर नया विवाद सामने आया है, बिहार सरकार में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के मंत्री और महुआ विधानसभा क्षेत्र से विधायक संजय कुमार सिंह ने जनशक्ति जनता दल (JJD) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को 50 करोड़ रुपये का कानूनी मानहानि नोटिस भेजा है, यह नोटिस मंत्री की ओर से उनके वकील सुशील कुमार के माध्यम से भेजे जाने की बात कही गई है।
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद
नोटिस में कहा गया है कि तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और फेसबुक पर मंत्री संजय कुमार सिंह को लेकर जो आरोप लगाए, वे झूठे, निराधार और दुर्भावनापूर्ण हैं, नोटिस के मुताबिक इन आरोपों से मंत्री की सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है, मंत्री की ओर से आरोपों को पूरी तरह खारिज किया गया है।
7 दिन में माफी मांगने की मांग
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कानूनी नोटिस में तेज प्रताप यादव से 7 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और लगाए गए आरोपों का खंडन करने की मांग की गई है, नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय में माफी और खंडन नहीं किया गया तो तेज प्रताप यादव के खिलाफ 50 करोड़ रुपये की मानहानि का सिविल और क्रिमिनल केस दर्ज कराया जाएगा, नोटिस में कानूनी कार्रवाई से जुड़े खर्च और उसके परिणाम की जिम्मेदारी भी तेज प्रताप यादव पर होने की बात कही गई है।
तेज प्रताप ने लगाए थे गंभीर आरोप
दरअसल, तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए मंत्री संजय कुमार सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे, तेज प्रताप के दावे के मुताबिक दिल्ली दौरे के दौरान एक बड़े होटल में मंत्री ने एक महिला कर्मचारी के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया और उसके शोषण का प्रयास किया, उन्होंने इस मामले की सरकार से निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की थी, तेज प्रताप ने यह दावा भी किया था कि मामले को दबाने या रफा-दफा करने के लिए कथित तौर पर 25 लाख रुपये का लेन-देन किया गया।
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आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं
हालांकि, तेज प्रताप यादव की ओर से लगाए गए इन आरोपों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है वहीं, मंत्री संजय कुमार सिंह की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस में इन आरोपों को झूठा और निराधार बताया गया है, अब इस मामले में सबकी नजर तेज प्रताप यादव के अगले कदम पर है, देखना होगा कि वह नोटिस के जवाब में माफी मांगते हैं, अपने आरोपों को दोहराते हैं या फिर मामला कानूनी कार्रवाई तक पहुंचता है।
बिहार में बढ़ सकती है सियासी हलचल
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ यह विवाद अब कानूनी नोटिस तक पहुंच गया है। 50 करोड़ रुपये की मानहानि का नोटिस और 7 दिन की समयसीमा ने मामले को और गंभीर बना दिया है, आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की ओर से होने वाली कानूनी और राजनीतिक प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।
