श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार सुबह श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यहां विधि-विधान और श्रद्धाभाव के साथ भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप ‘लाला’ के दर्शन किए और विशेष पूजन-अर्चन कर प्रदेश एवं देश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री के रूप में श्रीकृष्ण जन्मभूमि का यह उनका 20वां दर्शन रहा।जन्मभूमि मंदिर पहुंचने पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भव्य स्वागत किया। जन्माष्टमी के विशेष अवसर पर मंदिर के मुख्य गर्भगृह को चांदी की परत से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। चांदी से सजे गर्भगृह की दिव्य छटा और भगवान श्रीकृष्ण के मनमोहक बाल स्वरूप को मुख्यमंत्री काफी देर तक भक्तिभाव से निहारते रहे।
मुख्य गर्भगृह में दर्शन और पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने परिसर में स्थित योगमाया मंदिर, केशवदेव मंदिर और भागवत भवन में भी जाकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में विधि-विधान से गोपूजन किया और गोमाता का आशीर्वाद लिया। इस दौरान जन्मभूमि परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री का अभिवादन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी श्रद्धालुओं का हाथ हिलाकर अभिवादन स्वीकार किया और उन पर पुष्प वर्षा कर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और देशवासियों के सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की।जन्मभूमि परिसर में उज्जैन से आए कलाकारों की ओर से विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जा रही थीं।
मुख्यमंत्री योगी कलाकारों के बीच पहुंचे और उनकी प्रस्तुतियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कलाकारों के साथ फोटो भी खिंचवाई। करीब 30 मिनट तक जन्मभूमि परिसर में रहने के बाद मुख्यमंत्री अपने अगले कार्यक्रम के लिए रवाना हुए। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री का जन्मभूमि पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। पूरे परिसर में भक्ति और उत्सव का माहौल नजर आया।
