उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों को लेकर सियासत तेज हो गई है, शिक्षक दिवस के मौके पर समाजवादी पार्टी की छात्र इकाई समाजवादी छात्र सभा ने भाजपा सरकार को घेरने की तैयारी शुरू कर दी है, छात्र सभा की ओर से 5 सितंबर से 11 सितंबर तक ‘छात्र, नौजवान एवं PDA जागरूकता अभियान’ चलाया जाएगा, इस दौरान प्रदेश में बंद किए गए प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों को लेकर सरकार के खिलाफ सवाल उठाए जाएंगे।
बंद स्कूलों के बाहर होगा शिक्षक सम्मान कार्यक्रम
समाजवादी छात्र सभा इस अभियान के तहत ‘पाठशाला पुकारे’ कार्यक्रम चलाएगी, इसके तहत प्रदेश में बंद किए गए प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों को चिन्हित किया जाएगा और शिक्षक दिवस के अवसर पर इन स्कूलों के बाहर शिक्षक सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के कार्यकाल में बड़ी संख्या में प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल बंद किए गए हैं। समाजवादी पार्टी अब इसी मुद्दे को लेकर गांव-गांव तक जाने की तैयारी में है, इसके लिए जिला अध्यक्षों और स्थानीय पदाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में बंद किए गए स्कूलों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।
5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर विशेष कार्यक्रम
अभियान की शुरुआत 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस से होगी। इस दिन विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र सम्मेलन तथा शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे, इसके अलावा बंद किए गए प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों के परिसर के बाहर या उनके नजदीकी स्थानों पर भी शिक्षक दिवस मनाया जाएगा, कार्यक्रमों में स्थानीय पदाधिकारी, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और ग्रामीण शामिल होंगे, समाजवादी छात्र सभा का कहना है कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से बंद स्कूलों और ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
7 दिन तक चलेगा समाजवादी छात्र सभा का अभियान
समाजवादी छात्र सभा का यह अभियान 5 सितंबर से 11 सितंबर तक चलेगा। हर दिन अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
5 सितंबर
शिक्षक दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में छात्र सम्मेलन एवं शिक्षक सम्मान कार्यक्रम होंगे। बंद सरकारी स्कूलों के आसपास भी शिक्षक सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
7 सितंबर
PDA वृक्षारोपण और पर्चा वितरण अभियान चलाया जाएगा। इसके जरिए छात्रों और ग्रामीणों तक पार्टी का संदेश पहुंचाने की कोशिश होगी।
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8 सितंबर
विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिविर लगाकर छात्रों से संपर्क किया जाएगा और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया जाएगा।
9 सितंबर
छात्रों से सुझाव लिए जाएंगे और उनकी समस्याएं सुनी जाएंगी। इस दौरान छात्रों से संकल्प पत्र भी भरवाए जाएंगे।
10 सितंबर
छात्र-छात्राओं और युवाओं की राजनीति में भूमिका को लेकर संगोष्ठी आयोजित की जाएगी।
11 सितंबर
अभियान के अंतिम दिन मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान किया जाएगा। इसके साथ ही सात दिवसीय अभियान का समापन होगा।
पेपर लीक, फीस वृद्धि और रोजगार समेत कई मुद्दे
समाजवादी छात्र सभा ने अभियान के लिए शिक्षा और युवाओं से जुड़े कई मुद्दों को प्रमुखता से शामिल किया है। इनमें पेपर लीक, समान कोर्स, फीस वृद्धि, रोजगार, आरक्षण और विश्वविद्यालयों-महाविद्यालयों में नियुक्तियों में कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे शामिल हैं, इसके अलावा आरक्षण में पारदर्शिता, मुफ्त पढ़ाई, रोस्टर प्रणाली, छात्रों को डिजिटल डिवाइस उपलब्ध कराने, पुस्तकालयों की व्यवस्था और नए विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के निर्माण जैसे मुद्दों को भी अभियान के दौरान उठाया जाएगा।
गांवों तक पहुंचने की तैयारी
समाजवादी पार्टी का छात्र संगठन इस अभियान के जरिए शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाने की तैयारी में है, बंद सरकारी स्कूलों को अभियान का प्रमुख केंद्र बनाकर पार्टी ग्रामीण मतदाताओं, छात्रों और युवाओं के बीच अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने की कोशिश करेगी, शिक्षक दिवस से शुरू होने वाला यह अभियान ऐसे समय में हो रहा है, जब उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों की स्थिति, स्कूलों के विलय या बंद होने, शिक्षा की गुणवत्ता और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच लगातार बयानबाजी होती रही है।
