मुरादाबाद। सहारनपुर कचहरी परिसर में बनी मस्जिद को प्रशासन द्वारा ध्वस्त किए जाने के बाद इस मामले पर सियासत तेज हो गई है। मुरादाबाद के पूर्व सपा सांसद डॉ. एसटी हसन ने मस्जिद के ध्वस्तीकरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि यह मस्जिद करीब 100 साल पुरानी थी और इसे बनाने के लिए एक मुस्लिम व्यक्ति ने अपनी जमीन दी थी।
डॉ. एसटी हसन ने कहा कि देश में मुसलमानों और मस्जिदों को लेकर लगातार माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में अदालत के फैसले का इंतजार किए बिना कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि रात के अंधेरे में बुलडोजर चलाकर मस्जिद को ध्वस्त करना देश के इतिहास में एक गंभीर घटना के तौर पर याद किया जाएगा।राम जन्मभूमि विवाद का जिक्र करते हुए एसटी हसन ने कहा कि अंग्रेजों के समय बोए गए विवाद के बीज आज कड़वे फल दे रहे हैं। उन्होंने सरकार से देश को कमजोर करने वाली कथित साजिशों पर नजर रखने की बात कही।
ओमप्रकाश राजभर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व सांसद ने कहा कि उन्हें ऐसे बयानों से बचना चाहिए और किसी के जख्मों पर नमक नहीं छिड़कना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे बयान देश को नुकसान पहुंचाने वाली राजनीति को बढ़ावा देते हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सलियों को होम्योपैथी की दवाई’ वाले बयान पर भी एसटी हसन ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शायद विपक्ष की ओर इशारा कर रहे हैं और विपक्ष की कमियां गिना रहे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद का मतलब हिंसा से है और सभी को अपना इतिहास याद रखना चाहिए।
