लखनऊ, 10 सितंबर। उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री और देश के पूर्व गृहमंत्री भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्र निर्माण और उत्तर प्रदेश के विकास में उनके योगदान को नमन किया।
सीएम योगी ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत महान अधिवक्ता होने के साथ-साथ प्रमुख स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। वर्ष 1925 के काकोरी ट्रेन एक्शन के बाद ब्रिटिश सरकार द्वारा क्रांतिकारियों पर चलाए गए मुकदमे में पंत जी ने मजबूती से उनकी पैरवी की थी। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के विभिन्न चरणों, खासकर भारत छोड़ो आंदोलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।मुख्यमंत्री ने कहा कि 1937 में पंडित गोविंद बल्लभ पंत यूपी के प्रीमियर बने थे। आजादी के बाद 1947 में उन्होंने उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। उस समय उत्तराखंड भी उत्तर प्रदेश का हिस्सा था।पंत जी ने इतने बड़े राज्य में सुशासन की नींव रखने के साथ आर्थिक विकास और समाज के सभी वर्गों के हित में कई महत्वपूर्ण सुधार किए। उनका लैंड रिफॉर्म मॉडल भी उल्लेखनीय रहा।सीएम योगी ने कहा कि 1954 में देश के गृहमंत्री बनने के बाद पंडित पंत ने राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देश में चल रहे भाषाई संघर्षों का समाधान निकालने और हिंदी को राजभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने में उनका अहम योगदान रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत का जीवन राष्ट्रसेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।
