लखनऊ, 12 सितंबर। उत्तर प्रदेश की पारंपरिक कारीगरी और स्थानीय उत्पादों को अब बड़े बाजार का नया मंच मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आगरा, वाराणसी और लखनऊ में पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इन आधुनिक मॉल में प्रदेश के अलग-अलग जिलों के ओडीओपी और जीआई टैग उत्पादों को एक ही स्थान पर प्रदर्शित और बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इससे स्थानीय कारीगरों, महिलाओं और युवाओं को सीधे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ने का अवसर मिलेगा।केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान दिलाना है। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में कमजोर पड़ रहे परंपरागत उद्योगों को इससे नई संजीवनी मिलने की उम्मीद है। यूनिटी मॉल स्थानीय उत्पादों की बिक्री के साथ-साथ उनकी ब्रांडिंग और मार्केटिंग के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे हैं।आगरा के शिल्पग्राम क्षेत्र में करीब 11.53 एकड़ भूमि पर 128.85 करोड़ रुपये की लागत से पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण हो रहा है। छह मंजिला इस मॉल में कुल 135 दुकानें होंगी। बेसमेंट की खुदाई, फाउंडेशन की पीसीसी, आरसीसी, बेसमेंट फ्लोर के कॉलम और रिटेनिंग वॉल का आरसीसी कार्य पूरा हो चुका है। यहां ब्रज क्षेत्र के साथ आगरा, फिरोजाबाद और आसपास के जिलों के हस्तशिल्प व पारंपरिक उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना के नवंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है।वाराणसी के गंगानगर कॉलोनी में करीब 1.46 एकड़ क्षेत्र में 154.71 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल बनाया जा रहा है। छह मंजिला इस मॉल में 111 दुकानें होंगी। यहां बनारसी साड़ी, जरी-जरदोजी, लकड़ी के खिलौने, रुद्राक्ष समेत काशी के अन्य पारंपरिक उत्पादों के लिए विशेष स्थान होगा। डी-वॉल और छत की स्लैब की ढलाई का काम पूरा हो चुका है, जबकि बेसमेंट-3 में फाउंडेशन का काम चल रहा है। मॉल के दिसंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है।राजधानी लखनऊ के अवध शिल्पग्राम में करीब 4.86 एकड़ क्षेत्र में 64 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल विकसित किया जा रहा है। छह मंजिला मॉल में कुल 139 दुकानें होंगी। यहां लखनऊ की मशहूर चिकनकारी, जरी-जरदोजी और अवध क्षेत्र के अन्य स्थानीय उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा। दुकानों में फिनिशिंग और एडमिन ब्लॉक का स्ट्रक्चर पूरा हो चुका है, जबकि ब्रिक वर्क और लिफ्ट का काम प्रगति पर है। परियोजना अक्टूबर 2026 तक पूरी होने की संभावना है।तीनों शहरों में तैयार हो रहे यूनिटी मॉल के जरिए प्रदेश के सभी 75 जिलों के स्थानीय उत्पादों को एक बड़े मंच पर लाने की तैयारी है। इससे कारीगरों और स्थानीय उद्यमियों की आय बढ़ाने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। साथ ही स्वदेशी उत्पादों की ब्रांडिंग को बढ़ावा मिलने के साथ पर्यटन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
