आर्थिक तंगी, गंभीर बीमारी और विपरीत परिस्थितियों से जूझ रहे जरूरतमंदों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष लगातार बड़ा सहारा बन रहा है। पिछले पांच पूर्ण वित्तीय वर्षों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बिना भेदभाव जरूरतमंदों तक आर्थिक सहायता पहुंचाई गई। वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच 2,44,263 लाभार्थियों को कुल 4,324.60 करोड़ रुपये की सहायता स्वीकृत की गई। खास बात यह रही कि इस अवधि में सहायता पाने वाले लाभार्थियों की वार्षिक संख्या करीब 4.5 गुना बढ़ी है।वर्ष 2021-22 में मुख्यमंत्री राहत कोष से 16,640 लाभार्थियों को 289.71 करोड़ रुपये की सहायता दी गई थी।
2022-23 में लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 31,745 हुई और 572.97 करोड़ रुपये की सहायता स्वीकृत की गई। वर्ष 2023-24 में 54,473 लाभार्थियों को 1,008.50 करोड़ रुपये, जबकि 2024-25 में 66,874 लाभार्थियों को 1,344.94 करोड़ रुपये की मदद मिली। 2025-26 में लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 74,531 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इस वर्ष 1,108.48 करोड़ रुपये की सहायता स्वीकृत हुई।आंकड़ों के मुताबिक सहायता राशि में साल-दर-साल उतार-चढ़ाव के बावजूद जरूरतमंदों की संख्या लगातार बढ़ी है। वर्ष 2025-26 में पिछले वर्ष की तुलना में सहायता राशि करीब 17.6 प्रतिशत कम रही, लेकिन लाभार्थियों की संख्या में 11.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि सीमित संसाधनों के बीच अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने पर जोर रहा।
मुख्यमंत्री राहत कोष की पहुंच प्रदेश के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों तक रही है। उपलब्ध मंडलवार आंकड़ों के अनुसार लखनऊ मंडल में 19,507, गोरखपुर में 13,621, प्रयागराज में 12,019, अयोध्या में 10,427, वाराणसी में 9,364 और कानपुर में 8,433 लाभार्थियों को सहायता मिली। देवीपाटन में 7,201, आजमगढ़ में 6,760, बस्ती में 3,740 और मिर्जापुर में 3,335 लाभार्थी दर्ज किए गए। इसके अलावा झांसी, चित्रकूट, आगरा, मुरादाबाद और मेरठ मंडल में भी जरूरतमंदों को सहायता पहुंचाई गई।जिला स्तर पर भी राहत का व्यापक असर दिखाई देता है। लखनऊ में 7,491, प्रयागराज में 6,572, गोरखपुर में 5,463 और कानपुर नगर में 4,890 लाभार्थियों को सहायता मिली। गोंडा, आजमगढ़, प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर, सीतापुर, कुशीनगर, देवरिया, बाराबंकी, रायबरेली और अयोध्या समेत कई जिलों में भी बड़ी संख्या में जरूरतमंदों को आर्थिक मदद दी गई।
पिछले पांच वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि मुख्यमंत्री राहत कोष का दायरा लगातार विस्तृत हुआ है। गंभीर बीमारी, आर्थिक संकट और अन्य विपरीत परिस्थितियों में जरूरतमंदों को आर्थिक संबल देने वाली इस व्यवस्था के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों तक सहायता पहुंचाई गई है। 2.44 लाख से अधिक लाभार्थियों तक पहुंची मदद और 4,324 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता इस व्यवस्था के व्यापक विस्तार को दर्शाती है।
