Did the health of the Chinese and South African presidents deteriorate after the BRICS summit? MEA dismisses the claim as fake.
नई दिल्ली में हुए BRICS शिखर सम्मेलन के बाद कई विदेशी नेताओं की तबीयत बिगड़ने का दावा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। अब विदेश मंत्रालय ने इन दावों को खारिज करते हुए इन्हें फर्जी बताया है।

विदेश मंत्रालय की फैक्ट चेक यूनिट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट जारी करते हुए ऐसे दावों को लेकर लोगों को आगाह किया। MEA ने इसे ‘फेक अलर्ट’ बताते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर इस तरह की फर्जी पोस्ट की जा रही हैं।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को लेकर किया गया था दावा

वायरल पोस्ट में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की तबीयत को लेकर भी दावा किया गया था। चीन डेमोक्रेसी पार्टी के चेयरमैन वानजुन जी की एक पोस्ट में कहा गया कि BRICS समिट के दौरान जिनपिंग बेहोश हो गए थे और उन्हें स्ट्रोक आया था। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि उन्हें इलाज के लिए बीजिंग ले जाया गया।
हालांकि, इन दावों की पुष्टि किसी आधिकारिक चीनी अधिकारी या विश्वसनीय समाचार संस्था की ओर से नहीं की गई है।
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति के सेहत को लेकर भी हुआ दावा
सोशल मीडिया पोस्ट में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा की तबीयत को लेकर भी सवाल उठाए गए। BRICS समिट से लौटने के बाद रामफोसा ने कुछ सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाई थी।

उनके कार्यालय की ओर से बताया गया कि डॉक्टरों ने उन्हें खराब स्वास्थ्य के चलते आराम करने और स्वस्थ होने की सलाह दी है। हालांकि, उनकी बीमारी को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।
MEA ने किया सोशल मीडिया दावों से सावधान
BRICS समिट के बाद नेताओं की सेहत को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे सामने आए। विदेश मंत्रालय की फैक्ट चेक यूनिट ने इन पोस्ट को गलत बताते हुए लोगों से इन दावों पर भरोसा न करने की अपील की है।
