लखनऊ में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। सोमवार को सनातन रक्षा संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ता हजरतगंज में सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारी सपा कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने राजभवन चौराहे पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया।

इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई।प्रदर्शनकारियों ने अखिलेश यादव पर उत्तर प्रदेश के लोगों की छवि खराब करने का आरोप लगाया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि जिस उत्तर प्रदेश ने अखिलेश यादव को पहचान दी, उसी प्रदेश की बदनामी करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।दरअसल, दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान लड़कियों और महिलाओं के साथ कथित बदसलूकी के मामले में अखिलेश यादव की टिप्पणी को लेकर संगठन ने नाराजगी जताई है।
सनातन रक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुरोध राय ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने बदसलूकी करने वालों को उत्तर प्रदेश का बताकर पूरे प्रदेश की छवि खराब की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग बहन-बेटियों का सम्मान करते हैं और राजनीतिक लाभ के लिए प्रदेश का अपमान नहीं होना चाहिए।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘अपने ही यूपी को कर रहे बदनाम’ और ‘2027 में अखिलेश को सबक सिखाएगा यूपी’ जैसे नारे लगाए। संगठन ने अखिलेश यादव से अपने बयान पर सफाई देने और प्रदेश की जनता से माफी मांगने की मांग की।अब इस प्रदर्शन के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या अखिलेश यादव की टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद आने वाले दिनों में यूपी की सियासत में और तूल पकड़ेगा? फिलहाल, सनातन रक्षा संगठन ने इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराते हुए सपा अध्यक्ष से जवाब मांगा है।
