सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद से बड़ी खबर सामने आई है, जहां अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रॉबर्ट्सगंज कस्बे में हुई 10 लाख रुपये की चोरी और टप्पेबाजी की घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को दबोच लिया है। इस दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ भी हुई, जिसमें दो बदमाशों के पैर में गोली लगी है।
पुलिस के मुताबिक, बीते 26 दिसंबर को रॉबर्ट्सगंज में हुई चोरी और टप्पेबाजी की घटना में शामिल अपराधियों की तलाश में एसओजी और स्थानीय पुलिस लगातार जुटी हुई थी। इसी क्रम में एसओजी प्रभारी को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि घटना में शामिल बदमाश चोपन थाना क्षेत्र के चुरक रेलवे स्टेशन के पास डेरा डाले हुए हैं।

सूचना के आधार पर रॉबर्ट्सगंज प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में तीन टीमों का गठन किया गया और चुरक रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी की गई। खुद को पुलिस से घिरा देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो बदमाशों के पैर में गोली लग गई। दोनों घायलों को इलाज के लिए तत्काल मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
मुठभेड़ के दौरान एक अन्य आरोपी रामू को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि इसी गिरोह की एक महिला सदस्य को एक दिन पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद शातिर है और तिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु का रहने वाला है। यह अंतरराज्यीय गैंग अलग-अलग राज्यों में घूम-घूमकर गाड़ियों से चोरी और टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देता था।
गिरफ्तार आरोपी रामू के पास से पुलिस ने 1 लाख 35 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में रामू ने कबूल किया कि चोरी की गई रकम में से 8 लाख 45 हजार रुपये उसने अपने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के खाते में जमा कर दिए हैं। पुलिस अब संबंधित बैंक से पत्राचार कर खाते को फ्रीज कराने और शेष रकम की बरामदगी की प्रक्रिया में जुट गई है।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और चौकसी बढ़ा दी गई है।






