मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र (GCC) नीति-2024 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु नियमावली-2025 (एसओपी) को मंजूरी प्रदान की गई। इस निर्णय को प्रदेश को वैश्विक निवेश और उच्च स्तरीय सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
नियमावली के लागू होने से उत्तर प्रदेश में वैश्विक निवेश, आधुनिक सेवाओं और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी। कैबिनेट द्वारा स्वीकृत एसओपी के अंतर्गत इन्वेस्ट यूपी को नोडल एजेंसी नामित किया गया है। यह नियमावली जीसीसी नीति-2024 के प्रख्यापन की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी और राज्य सरकार द्वारा संशोधन या समाप्त किए जाने तक लागू रहेगी।
नंद गोपाल गुप्ता नंदी औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में निवेश का माहौल लगातार बेहतर हो रहा है। उद्योग समूहों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों का प्रदेश के प्रति भरोसा बढ़ा है और वे निवेश के लिए सक्रिय रूप से संपर्क कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि जीसीसी नीति प्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 21 कंपनियों ने जीसीसी के तहत निवेश शुरू कर दिया है, जिससे आने वाले समय में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
नियमावली के अनुसार, जीसीसी किसी भारतीय या विदेशी कंपनी द्वारा स्थापित एक कैप्टिव इकाई होगी। यह इकाइयाँ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), अनुसंधान एवं विकास (R&D), वित्त, मानव संसाधन, डिजाइन, इंजीनियरिंग, एनालिटिक्स और नॉलेज सर्विसेज जैसे रणनीतिक कार्यों का निष्पादन करेंगी।
निवेशकों के लिए आकर्षक प्रोत्साहन
जीसीसी इकाइयों को आकर्षित करने के लिए नियमावली में कई वित्तीय प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। इनमें भूमि सब्सिडी, स्टाम्प ड्यूटी में छूट या प्रतिपूर्ति, पूंजीगत सब्सिडी, ब्याज सब्सिडी, संचालन व्यय (ओपेक्स) सब्सिडी, पेरोल एवं भर्ती सब्सिडी, ईपीएफ प्रतिपूर्ति, प्रतिभा विकास एवं कौशल प्रोत्साहन, अनुसंधान एवं नवाचार प्रोत्साहन शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, विशेष मामलों में केस-टू-केस आधार पर अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिए जा सकेंगे।
त्वरित अनुमोदन और तकनीकी सहायता
वित्तीय लाभों के साथ-साथ जीसीसी इकाइयों को तकनीकी सहायता समूह, इंडस्ट्री लिंकेज सपोर्ट, विनियामक सहायता, आवेदन प्रकरणों का त्वरित निस्तारण और अनुमोदन व प्रोत्साहन वितरण की सुव्यवस्थित प्रक्रिया उपलब्ध कराई जाएगी।
केंद्र सरकार की योजनाओं से अतिरिक्त लाभ
नियमावली में स्पष्ट किया गया है कि राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले सभी प्रोत्साहन, भारत सरकार की योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाले लाभों के अतिरिक्त होंगे। किसी भी विधिक विवाद की स्थिति में न्यायिक क्षेत्राधिकार केवल लखनऊ स्थित न्यायालयों का होगा। स्वीकृत प्रोत्साहन राशि का वितरण वित्त विभाग के प्रचलित नियमों एवं शासनादेशों के अनुसार किया जाएगा।
ग्लोबल सर्विस हब बनने की ओर उत्तर प्रदेश
योगी सरकार के इस फैसले को उत्तर प्रदेश को ग्लोबल सर्विस हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। जीसीसी नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में उच्च कौशल आधारित निवेश बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।



