पूर्व में उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में महिलाओं की सुरक्षा एक गंभीर चुनौती रही है, लेकिन योगी आदित्यनाथ सरकार के गठन के पश्चात इस दिशा में समग्र परिवर्तन देखने को मिला है। वर्तमान में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण शासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश की हर महिला खुद को सुरक्षित महसूस करे और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने।
योगी आदित्यनाथ नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत कल्याण, सुरक्षा तथा सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने हेतु संचालित प्रमुख और रणनीतिक योजनाओं का विस्तृत विवरण:
महिला सुरक्षा पर ज़ीरो टॉलरेंस नीति
योगी सरकार के कार्यकाल में महिला सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है। मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक करने के साथ-साथ सुरक्षा का भरोसा दिया गया है। सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं से छेड़छाड़ रोकने के लिए एंटी रोमियो स्क्वाड की तैनाती की गई है। इसके अलावा, महिलाओं की शिकायतों के शीघ्र समाधान के लिए 1090 महिला हेल्पलाइन और 112 आपातकालीन सेवा को और प्रभावी बनाया गया है। महिलाओं से जुड़े गंभीर मामलों में शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था भी की गई है।
शिक्षा में बेटियों को बढ़ावा
योगी सरकार ने महिला शिक्षा को मजबूत करने के लिए कई योजनाएँ लागू की हैं। कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटियों की पढ़ाई और भविष्य को सुरक्षित किया जा रहा है। छात्रवृत्ति योजनाओं से लाखों छात्राओं को लाभ मिला है, जिससे स्कूल और कॉलेजों में बालिकाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान
महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जननी सुरक्षा योजना, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम और आंगनबाड़ी सेवाओं को मजबूत किया गया है। इससे गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ मिल रही हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों में।
आत्मनिर्भर महिला की दिशा में पहल
महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों (SHG) को बढ़ावा दिया गया है। सिलाई, कढ़ाई, हस्तशिल्प, डेयरी और छोटे उद्योगों से जुड़कर महिलाएँ अब स्वरोजगार की ओर अग्रसर हो रही हैं। सरकार द्वारा प्रशिक्षण और ऋण सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ
विधवा और निराश्रित महिलाओं के लिए पेंशन योजनाएँ, घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए सहायता केंद्र और कार्यस्थलों पर महिला सुरक्षा कानूनों के सख्त अनुपालन को भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। कुल मिलाकर, योगी सरकार की नीतियाँ महिलाओं को सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्रित हैं। महिला सशक्तिकरण को लेकर उठाए गए ये कदम उत्तर प्रदेश को एक सुरक्षित और समावेशी राज्य बनाने की ओर अहम प्रयास माने जा रहे हैं।





