लखनऊ।महिलाओं और नवजातों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन, उत्तर प्रदेश शासन के तहत स्वास्थ्य विभाग की राज्य स्तरीय टीम ने शुक्रवार को वीरांगना अवंती बाई महिला चिकित्सालय का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में संचालित एफआरयू (फर्स्ट रेफरल यूनिट) की व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच की गई।
एफआरयू के तहत संचालित सुविधाएं परखी गईं
निरीक्षण के दौरान टीम ने तय चेकलिस्ट के आधार पर अस्पताल की प्रमुख सेवाओं का जायजा लिया।
ओपीडी, लेबर रूम, मैटरनिटी ओटी, पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी, एसएनसीयू, मैटरनिटी वार्ड, फार्मेसी, किचन और लॉन्ड्री की व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई। इसके साथ ही ऑक्सीजन प्लांट और मिनी स्किल लैब की कार्यप्रणाली भी परखी गई।
राज्य स्तरीय टीम रही मौजूद
निरीक्षण के लिए राज्य स्तर से डॉ. राजश्री चौधरी, नोडल अधिकारी डॉ. निशांत निर्वाण और समन्वय अधिकारी श्रीमती तृप्ति श्रीवास्तव अस्पताल पहुंचीं। टीम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से जानकारी लेकर व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया।
स्वास्थ्य सेवाएं पाई गईं संतोषजनक
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाएं संतोषजनक पाई गईं। टीम ने महिलाओं और नवजातों को दी जा रही सेवाओं की सराहना की और भविष्य में सुविधाओं के और अधिक सुदृढ़ीकरण व विस्तार की जरूरत पर जोर दिया।
निरीक्षण में अधिकारी व कर्मचारी रहे शामिल
निरीक्षण के समय प्रमुख चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. ज्योति मेहरोत्रा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. रेनू पंत, डॉ. सलमान, वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. दीपक कुमार आजाद, मो. आसिफ, मात्रिका श्रीमती किरण लता सोनकर एवं श्रीमती लालमती, नर्सिंग स्पेशलिस्ट श्रीमती कीर्ति तिवारी सहित चिकित्सालय के सभी अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
सुधार और विस्तार पर दिया गया जोर
टीम ने निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रशासन को आवश्यक सुझाव देते हुए कहा कि महिलाओं और नवजातों की बेहतर देखभाल के लिए संसाधनों और सुविधाओं को लगातार अपडेट करना जरूरी है, ताकि मरीजों को और अधिक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकें।






