सुलतानपुर रोड स्थित स्वास्तिका सिटी में जमीन विवाद और लेनदेन से जुड़े मामलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस विवाद में उस समय नया मोड़ आ गया, जब पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर आरोप लगाने वाले फौजी अरविंद सिंह ने अपना बयान वापस ले लिया। फौजी अरविंद सिंह ने पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) निपुण अग्रवाल के समक्ष पेश होकर कहा कि उन्होंने बहकावे में आकर पूर्व सांसद धनंजय सिंह का नाम लिया था। अब उन्होंने हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र यादव और उसके प्रॉपर्टी डीलर भाई संतोष यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।

गौरतलब है कि हाल ही में फौजी अरविंद सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने आरोप तमाम गंभीर आरोप लगाए थे इस वीडियो को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी अपने सोशल मीडिया अकॉउंट से फौजी अरविंद का वीडियो शेयर करते हुए सरकार पर आरोप भी लगाया था हालांकि, अब फौजी के नए बयान के बाद मामला पूरी तरह से अलग दिशा में जाता नजर आ रहा है।
फौजी अरविंद सिंह ने बताया कि उन्होंने स्वास्तिका सिटी में एक प्लॉट खरीदा था। सुलतानपुर रोड के अर्जुनगंज निवासी हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र यादव और उसके भाई संतोष यादव ने लाखों रुपये लेकर प्लॉट की रजिस्ट्री कराने और कब्जा दिलाने का भरोसा दिया था। आरोप है कि दोनों ने रकम तो ले ली, लेकिन न तो प्लॉट का कब्जा दिया और न ही पैसे लौटाए। रुपये मांगने पर धमकियां दी जाने लगीं। अरविंद सिंह का दावा है कि प्लॉट पर कब्जा न देने से बचने के लिए जितेंद्र यादव ने एक साजिश रची और उनसे बहकाकर ऐसा वीडियो बनवाया, जिसमें पूर्व सांसद धनंजय सिंह का नाम लेने को कहा गया।
जितेंद्र यादव और संतोष यादव ने अर्जुनगंज, सरसवां और अहिमामऊ इलाके में खुद को प्लॉटिंग का मालिक बताकर कई लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है। इनमें बड़ी संख्या में फौजी भी शामिल हैं। भुगतान आरोपियों और उनके करीबी लोगों के खातों में कराया गया, लेकिन आज तक न तो जमीन का कब्जा मिला और न ही रकम वापस की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि आपराधिक गतिविधियों के चलते जितेंद्र यादव पूर्व में जिला बदर भी हो चुका है। हालांकि पुलिस प्राप्त जानकारी के अनुसार पर मामले की जांच में जुट गई है।





