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KGMU हंगामे पर डॉक्टरों का अल्टीमेटम

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24 घंटे में FIR नहीं तो ओपीडी अनिश्चितकाल के लिए बंद

लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में हुए हंगामे के मामले में अब तक एफआईआर दर्ज न होने से डॉक्टरों में भारी नाराजगी है। सोमवार को केजीएमयू के डॉक्टरों ने आपात बैठक कर बड़ा फैसला लिया है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो ओपीडी सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी जाएंगी।

डॉक्टरों की बैठक में लिया गया अहम निर्णय

केजीएमयू के चिकित्सकों की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना गंभीर चिंता का विषय है। डॉक्टरों का कहना है कि कार्यस्थल की सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना सामान्य सेवाएं चलाना मुश्किल है।

इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी चालू

डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि विरोध के बावजूद आपातकालीन सेवाएं (इमरजेंसी) पूरी तरह से चालू रहेंगी, ताकि गंभीर मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

मंगलवार को फिर होगी डॉक्टरों की बैठक

डॉक्टरों ने बताया कि मंगलवार दोपहर 2 बजे केजीएमयू में एक और बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में एफआईआर की स्थिति और आगे की रणनीति पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका

यदि ओपीडी सेवाएं बंद होती हैं तो इसका सीधा असर हजारों मरीजों पर पड़ेगा, जो रोजाना इलाज के लिए केजीएमयू पहुंचते हैं। मरीजों और उनके तीमारदारों में पहले से ही असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

महिला आयोग उपाध्यक्ष के दौरे के बाद हुआ था हंगामा

बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के दौरे के बाद शुरू हुआ। उनके जाने के बाद समर्थकों और कुछ हिंदू संगठनों पर परिसर में हंगामा करने के आरोप लगे हैं।

कुलपति कार्यालय में कई घंटे तक हंगामा

हंगामे के दौरान कुलपति कार्यालय में कई घंटे तक तोड़फोड़ और शोर-शराबा होने का आरोप है। इस कारण विश्वविद्यालय का कामकाज पूरी तरह ठप रहा।

कुलपति का सरकारी मोबाइल फोन भी गायब

हंगामे के दौरान कुलपति का सीयूजी नंबर वाला सरकारी मोबाइल फोन गायब होने की भी जानकारी सामने आई है, जिसको लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

FIR न होने से डॉक्टरों में आक्रोश

डॉक्टरों का कहना है कि इतने गंभीर मामले के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज न होना निराशाजनक है। वे जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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