बांदा जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद जारी की गई मतदाता ड्राफ्ट सूची में बड़ी खामियां सामने आई हैं। नई सूची में कई मकानों पर ऐसे लोगों के नाम दर्ज हो गए हैं, जिन्हें मकान मालिक पहचानते तक नहीं। कुछ मामलों में तो एक ही घर में रहने वाले हिंदू और मुस्लिम मतदाताओं के पते आपस में बदल दिए गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
ड्राफ्ट सूची को देखकर कई मतदाता हैरान हैं। स्थिति ऐसी बन गई है मानो “मान न मान, मैं तेरा मेहमान” की तर्ज पर मतदाता जोड़ दिए गए हों। कहीं सईदा के घर राजेश का नाम दर्ज है तो कहीं पड़ोसियों को ही मकान का बाशिंदा बना दिया गया है।
पड़ोसियों और अनजान लोगों के नाम जुड़े
चुनाव आयोग ने SIR अभियान के दौरान मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने का दावा किया था, लेकिन जारी की गई कच्ची सूची ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई विधानसभा क्षेत्रों में पुरानी गलतियां जस की तस बनी हुई हैं, जबकि पुनरीक्षण के दौरान नई त्रुटियां भी जुड़ गई हैं।
अब मतदाता इन गड़बड़ियों को ठीक कराने के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और संबंधित बूथों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। लोगों की मांग है कि अंतिम सूची जारी करने से पहले इन सभी त्रुटियों को गंभीरता से ठीक किया जाए, ताकि किसी का नाम गलत पते पर दर्ज न रहे।





