Home Yogi योगी सरकार की नीतियों का असर, निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 में यूपी...

योगी सरकार की नीतियों का असर, निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 में यूपी बना देश का टॉप लैंडलॉक्ड राज्य

51
0

लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर देश के आर्थिक नक्शे पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तैयारी सूचकांक (Export Preparedness Index – EPI) 2024 में उत्तर प्रदेश ने ओवरऑल रैंकिंग में चौथा स्थान हासिल किया है, जबकि भू-आबद्ध (Landlocked) राज्यों की श्रेणी में प्रदेश को पहला स्थान मिला है। यह उपलब्धि प्रदेश की निर्यात नीति और बुनियादी ढांचे में किए गए सुधारों का प्रत्यक्ष प्रमाण मानी जा रही है।

7वें से 4थे स्थान तक का सफर, 8 साल की मेहनत लाई रंग

नीति आयोग की पिछली EPI रैंकिंग 2022 में उत्तर प्रदेश देश में सातवें स्थान पर था और भू-आबद्ध राज्यों में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ था।
बीते 8 वर्षों में निर्यात अवसंरचना को सशक्त करने, लागत प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और निर्यात विविधीकरण की दिशा में किए गए ठोस प्रयासों के चलते उत्तर प्रदेश ने तीन पायदान की छलांग लगाते हुए चौथा स्थान हासिल किया है।

कोस्टल राज्यों के बाद यूपी सबसे आगे

EPI 2024 में पहले तीन स्थानों पर महाराष्ट्र, तमिलनाडु और गुजरात जैसे कोस्टल राज्य रहे हैं। इन राज्यों के बाद भू-आबद्ध राज्य होते हुए भी उत्तर प्रदेश का चौथे स्थान पर पहुंचना प्रदेश सरकार की नीतिगत मजबूती को दर्शाता है।

भू-आबद्ध होने के बावजूद निर्यात में ऐतिहासिक उपलब्धि

भू-आबद्ध राज्य होने के कारण उत्तर प्रदेश के निर्यातकों को बंदरगाहों तक माल पहुंचाने में अधिक समय और लागत का सामना करना पड़ता है। इस चुनौती को अवसर में बदलते हुए प्रदेश सरकार ने
माल भाड़ा व्यय पर अनुदान
विदेशी व स्वदेशी मेलों में सहभागिता पर सहायता
एयर कार्गो, कोरियर चार्ज, गुणवत्ता प्रमाणीकरण
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्डिंग शुल्क प्रतिपूर्ति
निर्यात अवसंरचना विकास के लिए आर्थिक सहायता
जैसी कई योजनाएं लागू की हैं, जिससे निर्यातकों को सीधा लाभ मिला है।

UP इंटरनेशनल ट्रेड शो बना निर्यात का मजबूत मंच

पिछले तीन वर्षों से लगातार आयोजित हो रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो ने प्रदेश के निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे जोड़ने का काम किया है। इसके जरिए प्रदेश को नए बाजार मिले और स्थानीय उत्पादों की वैश्विक पहचान मजबूत हुई।

EPI रैंकिंग कैसे तय हुई?

नीति आयोग ने EPI 2024 के लिए राज्यों के निर्यात प्रदर्शन का मूल्यांकन
4 प्रमुख पिलर्स के आधार पर किया—
एक्सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर (20%)
बिजनेस इकोसिस्टम (40%)
पॉलिसी एवं गवर्नेंस (20%)
एक्सपोर्ट परफॉर्मेंस (20%)
इनके अंतर्गत 13 सब-पिलर्स और 70 संकेतकों पर पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों का तुलनात्मक अध्ययन कर रैंकिंग जारी की गई।

ODOP और मजबूत नीतियों से बदली निर्यात की तस्वीर

प्रदेश सरकार की एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना, सेक्टर आधारित नीतियां, बेहतर लॉजिस्टिक्स, सड़क–रेल–हवाई कनेक्टिविटी और निवेश अनुकूल माहौल ने उत्तर प्रदेश की निर्यात क्षमता को नई ऊंचाई दी है।

नीति आयोग की रैंकिंग में यूपी की मजबूती का संदेश

निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 में चौथा स्थान यह स्पष्ट करता है कि उत्तर प्रदेश अब
निवेशकों के लिए भरोसेमंद गंतव्य
निर्यातकों के लिए अनुकूल राज्य
राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में मजबूत योगदानकर्ता
के रूप में उभर चुका है।
यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश सरकार की दूरदर्शी नीतियों और निरंतर सुधारों का परिणाम है, जिसने प्रदेश को निर्यात के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा कर दिया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here