गोरखपुर। पूर्वी क्षेत्र अंतर-विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की इस अवसर पर उन्होंने गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक विरासत पर विस्तार से प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि गोरखपुर जनपद देश की अनेक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है, यह क्षेत्र भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का केंद्र रहा है, उन्होंने कहा कि पिछले 100 वर्षों से भारत के वैदिक साहित्य को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का कार्य गीता प्रेस द्वारा किया जा रहा है, जो इसी गोरखपुर में स्थित है।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारियों का स्मरण करते हुए कहा कि पंडित रामप्रसाद बिस्मिल और शहीद बंधु सिंह जैसे वीर सपूतों का इस धरती से गहरा नाता रहा है, जिन्होंने देश की आज़ादी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया।
उन्होंने चौरी-चौरा आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि आज़ादी के समय की यह ऐतिहासिक घटना भी इसी जनपद से जुड़ी हुई है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी। साथ ही उन्होंने कहा कि महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की कर्मस्थली भी यह क्षेत्र रहा है, जिसने भारतीय साहित्य को अमूल्य योगदान दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक केंद्र बताते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ खेलों के क्षेत्र में भी प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि खेल न केवल शारीरिक विकास का माध्यम हैं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता भी विकसित करते हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन, खेल संघ के पदाधिकारी, शिक्षकगण, छात्राएं एवं बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।




