आर्थिक अपराधों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली पर जोर
लखनऊ। आर्थिक अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और मामलों के त्वरित निस्तारण को लेकर आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) ने अपनी कार्यप्रणाली को और मजबूत किया है। शुक्रवार को ईओडब्ल्यू मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में सभी सात सेक्टरों के कार्यों की समीक्षा की गई, जिसमें दिसंबर 2025 के दौरान किए गए कार्यों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
दिसंबर माह की प्रगति की गहन समीक्षा
समीक्षा बैठक में दिसंबर माह के दौरान निस्तारित जांच, विवेचनाओं और की गई गिरफ्तारियों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों के कार्य निष्पादन को लक्ष्य आधारित पैमाने पर परखा गया और बेहतर प्रदर्शन करने वाले सेक्टरों व अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
मुख्यालय सेक्टर बना सर्वश्रेष्ठ, लखनऊ सेक्टर के निरीक्षक सम्मानित
उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए मुख्यालय सेक्टर को सर्वश्रेष्ठ सेक्टर का दर्जा दिया गया। वहीं, लखनऊ सेक्टर में तैनात निरीक्षक अनिल कुमार यादव को प्रभावी विवेचना और परिणामोन्मुखी कार्यशैली के लिए बेस्ट विवेचक के पुरस्कार से नवाजा गया।

मेरठ सेक्टर को मिला प्रशंसा प्रमाण पत्र
जून माह से अब तक निर्धारित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने पर मेरठ सेक्टर को Certificate of Appreciation प्रदान किया गया। अधिकारियों के अनुसार मेरठ सेक्टर ने लंबित मामलों के निस्तारण और अभियोजन में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
भ्रष्टाचार मामले में सजा दिलाने पर विशेष सम्मान
एक चर्चित भ्रष्टाचार मामले में प्रभावी पैरवी के जरिए आरोपी को सजा दिलाने के लिए ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी रविंद्र पचौरी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। यह मामला एक तत्कालीन सहायक समीक्षा अधिकारी से जुड़ा था, जिसमें न्यायालय द्वारा कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई।
विवेचकों को सख्त निर्देश, ट्रायल मॉनिटरिंग पर फोकस
पुलिस महानिदेशक ने सभी विवेचकों को निर्देश दिए कि जांच, विवेचना और अनुवर्ती कार्रवाई को तय समयसीमा में पूरा किया जाए। साथ ही वांछित अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी और न्यायालय में मामलों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
आर्थिक अपराधों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति
समीक्षा बैठक के दौरान यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि आर्थिक अपराधों के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी सेक्टर प्रभारियों को लक्ष्य आधारित रणनीति के तहत मामलों के त्वरित निस्तारण और दोषियों को सजा दिलाने के लिए पूरी तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए गए।

ईओडब्ल्यू की प्राथमिकता: तेज कार्रवाई, ठोस परिणाम
इस समीक्षा बैठक से साफ है कि ईओडब्ल्यू अब केवल जांच तक सीमित नहीं, बल्कि मामलों को अंजाम तक पहुंचाने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में आर्थिक अपराधों के खिलाफ और अधिक सख्त और प्रभावी कार्रवाई देखने को मिल सकती है






