Home Uttar Pradesh योगी की चेतावनी के बाद फंसे संजय सिंह और पप्पू यादव !

योगी की चेतावनी के बाद फंसे संजय सिंह और पप्पू यादव !

34
0

उत्तर प्रदेश के वाराणसी से जुड़ा एक मामला अब सियासी तूफान बनता जा रहा है। मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण के नाम पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच AI से बने फर्जी वीडियो और तस्वीरें वायरल करने का आरोप अब सीधे एफआईआर तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त चेतावनी के ठीक 24 घंटे के भीतर वाराणसी पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति और ज्यादा गरमाने के आसार हैं।पुलिस की एफआईआर में आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह, पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और जसविंदर कौर जैसे नाम शामिल हैं। यह कार्रवाई सीएम योगी के उस बयान के बाद हुई, जिसमें उन्होंने साफ कहा था कि काशी को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है और ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।अब समझते हैं पूरा मामला क्या है।

Also Read- योगी सरकार के विजन से यूपी बना स्टार्टअप हब, 7 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से स्टार्टअप्स को मिल रही वैश्विक पहचान

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें दावा किया गया कि वाराणसी में रानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को तोड़ दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने इस वीडियो को फर्जी बताया। शनिवार को खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी पहुंचे और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट किया कि अहिल्याबाई की प्रतिमा पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और कुछ अन्य राजनीतिक तत्व AI जनरेटेड वीडियो के जरिए काशी की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

इसके बाद वाराणसी पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि अगर आगे भी किसी ने भ्रामक खबर या AI से बना फर्जी कंटेंट फैलाया, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर भरोसा न करें।एसीपी दशाश्वमेध घाट अतुल अंजान के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अफवाह फैलाने के आरोप में आठ अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। थाना चौक में आठ लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें आम आदमी पार्टी और कांग्रेस से जुड़े पदाधिकारी भी शामिल हैं। ।विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे को और हवा दी और सरकार पर काशी की धरोहर को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।

दावा किया गया कि मणिकर्णिका घाट पर कई मूर्तियों को तोड़ा गया है, जिसके बाद यूपी सरकार को सफाई देनी पड़ी। अब एफआईआर के बाद मामला और ज्यादा तूल पकड़ सकता है। हालांकि, इस पूरे विवाद पर अभी तक न तो संजय सिंह और न ही पप्पू यादव की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here