लखनऊ की सड़कों पर साइकिल चलाती एक बेटी आज सिर्फ़ पार्सल नहीं पहुंचा रही, बल्कि समाज को एक मजबूत संदेश भी दे रही है कि हालात चाहे जैसे हों, हौसला हो तो राह खुद बन जाती है। इसी हौसले को आज सम्मान मिला, जब एशियन न्यूज़ के प्रधान संपादक मनीष नागेंद्र मिश्रा ने लखनऊ की पहली Blinkit डिलीवरी गर्ल कंचन को पुस्तक भेंट कर उसका मान बढ़ाया और उसके संघर्ष को नमन किया।

इस अवसर पर मनीष नागेंद्र मिश्रा ने भावुक शब्दों में कहा कि “ऐसी बेटियाँ सौभाग्य से मिलती हैं।” उन्होंने कंचन के आत्मविश्वास, मेहनत और जिम्मेदारी की खुले दिल से सराहना की और भरोसा दिलाया कि उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा। यह सम्मान केवल एक पुस्तक का नहीं, बल्कि उस आत्मबल का था जो कठिन परिस्थितियों में भी टूटता नहीं। श्री मिश्रा ने कहा कि यह हमारे चैनल का सौभाग्य है जो ऐसी बेटियों की पहली कहानी हमारे चैनल पर प्रमुखता से दिखाई गई है, इस हेतु उन्होंने टीम को बधाई भी दी।
श्री मिश्र ने कहा कभी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवालों में घिरा उत्तर प्रदेश आज बदलती तस्वीर पेश कर रहा है। राजधानी लखनऊ से सामने आई कंचन की कहानी इसी परिवर्तन की सशक्त मिसाल है। पिता के हार्ट अटैक से निधन के बाद जब परिवार की जिम्मेदारी अचानक उसके कंधों पर आई, तब कंचन ने हालातों से हार मानने के बजाय संघर्ष को अपना साथी बनाया। उसने पार्ट टाइम Blinkit डिलीवरी जॉब चुनी और शाम 6 बजे से रात 11 बजे तक साइकिल से डिलीवरी कर परिवार का सहारा बनी।

जब उससे पूछा गया? कि क्या वह रात में काम करते हुए खुद को सुरक्षित महसूस करती है, तो उसका जवाब आत्मविश्वास से भरा था। कंचन ने साफ कहा कि योगी सरकार के शासन में बेटियाँ सुरक्षित हैं और उसे अब तक किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। यह बयान सिर्फ़ एक अनुभव नहीं, बल्कि उस भरोसे की अभिव्यक्ति है जो आज बेटियों के भीतर पैदा हो रहा है।
काम के साथ-साथ कंचन पढ़ाई में भी पीछे नहीं है। वह BA सेकंड ईयर की छात्रा है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रही है। सपनों के प्रति उसकी सजगता और लक्ष्य के प्रति समर्पण उसे भीड़ से अलग खड़ा करता है। प्रेरणा की बात आती है तो वह बिना झिझक अपनी माँ का नाम लेती है वह माँ, जिसने हर मुश्किल में बेटी का हौसला बढ़ाया।
ऐसे में एशियन न्यूज़ के प्रधान संपादक मनीष नागेंद्र मिश्रा द्वारा किया गया यह सम्मान केवल एक व्यक्तिगत पहल नहीं, बल्कि समाज के लिए संदेश है कि संघर्ष करने वालों को सराहा जाना चाहिए। कंचन जैसी बेटियाँ आत्मनिर्भर भारत और सशक्त नारी की असली तस्वीर हैं, श्री मिश्र ने समाज के जागरूक लोगों से अपील भी की है कि ऐसी बेटियों की मदद के लिए आगे आए, जल्द ही ब्लिंकिट गर्ल का अकाउंट डिटेल आदि सार्वजनिक भी किया जाएगा।
आज कंचन का मनोबल पहले से कहीं अधिक मजबूत है। उसके चेहरे पर आत्मविश्वास की चमक और आंखों में सपनों की उड़ान साफ दिखती है। यह कहानी सिर्फ़ एक डिलीवरी गर्ल की नहीं, बल्कि उस नई सोच की है जहाँ बेटियाँ हालातों को मात देकर समाज के लिए प्रेरणा बन रही हैं। इस दौरान चैनल की स्टेट हेड दीप्ति सिंह चौहान, नितेश मिश्रा और कैमरा पर्सन शिवांशु पटवा, संजय पांडे, अमन, रश्मि आदि जन मौजूद रहे।



