ड्रोन अटैक, बम धमाके और आग की स्थिति का रिहर्सल, एनडीआरएफ–एसडीआरएफ ने दिखाया दम
लखनऊ। लखनऊ की पुलिस लाइन में संभावित युद्ध और आपदा की परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में ड्रोन से हवाई हमले, बम विस्फोट, आग लगने और लोगों के फंसे होने जैसे हालातों का वास्तविक दृश्य प्रस्तुत किया गया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और बेहतर समन्वय को परखना रहा।

ड्रिल शुरू होते ही मचा हड़कंप, घायल बनकर जमीन पर गिरे लोग
मॉक ड्रिल की शुरुआत अचानक धमाकों और सायरन के साथ हुई। देखते ही देखते अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोग घायल होने का अभिनय करते हुए जमीन पर गिर पड़े। किसी के सिर तो किसी के हाथ में चोट के दृश्य बनाए गए। चारों ओर चीख-पुकार और भगदड़ जैसा माहौल उत्पन्न कर वास्तविक संकट की स्थिति को दर्शाया गया।
फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और पुलिस ने संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ते ही हूटर बजाती फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। घायलों को मौके पर ही सीपीआर और प्राथमिक उपचार दिया गया, इसके बाद उन्हें अस्पताल भेजने की प्रक्रिया दिखाई गई। ड्रिल में मकानों में आग लगने और अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का अभ्यास भी किया गया।

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की संयुक्त कार्रवाई
इस मॉक ड्रिल में सिविल डिफेंस, आपदा प्रबंधन विभाग, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित प्रतिक्रिया का सफल प्रदर्शन किया गया।
मॉक ड्रिल देखने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
इस पूरे अभ्यास का निरीक्षण करने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं पुलिस लाइन पहुंचे। उन्होंने ड्रिल में शामिल सभी बलों और स्वयंसेवकों की सराहना की और इसे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहद जरूरी बताया।
सीएम योगी बोले– आपदा से निपटने के लिए आत्मनिर्भर होना जरूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी आपदा या विषम परिस्थिति से निपटने के लिए केवल सरकार पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। आम नागरिकों को भी जागरूक और प्रशिक्षित होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जवानों और स्वयंसेवकों को नियमित रूप से इस तरह की प्रैक्टिस करते रहना चाहिए, ताकि आपात स्थिति में जान-माल की क्षति को कम किया जा सके।

पराक्रम दिवस पर नेताजी को नमन, राष्ट्र प्रथम का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश भर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। नेताजी के ‘नेशन फर्स्ट’ के विचार और आज़ाद हिंद फौज का उदाहरण आज भी प्रेरणा देता है।
उन्होंने नारी शक्ति के प्रतीक के रूप में रानी लक्ष्मीबाई ब्रिगेड का उल्लेख करते हुए नेताजी को सच्चा राष्ट्रनायक बताया।
नागरिक सुरक्षा संगठन की भूमिका सराही
सीएम योगी ने नागरिक सुरक्षा संगठन की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि शांति काल हो या आपात स्थिति, यह संगठन हमेशा देश और समाज के लिए खड़ा रहता है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में नागरिक सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि युद्ध और आपदा प्रबंधन दोनों स्थितियों में बेहतर तैयारी हो।
होमगार्ड भर्ती और आपदा प्रबंधन पर जोर
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में 45 हजार होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया जारी है। साथ ही उन्होंने कहा कि बाढ़, आग या अन्य आपदाओं से पहले ही अभ्यास और तैयारी होना जरूरी है, ताकि प्रशासन और स्वयंसेवक मिलकर नुकसान को रोका जा सके।
आपदा से निपटने का संदेश देकर समाप्त हुई मॉक ड्रिल
अंत में मुख्यमंत्री ने मॉक ड्रिल में शामिल सभी एजेंसियों और स्वयंसेवकों को बधाई दी और कहा कि इस तरह के अभ्यास लोगों को संकट के समय साहस और सही निर्णय लेने के लिए प्रेरित करते हैं।





