मणिकर्णिका घाट के रिनोवेशन कार्य के दौरान मूर्तियों को क्षति पहुंचाए जाने के आरोपों को लेकर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। जहां एक ओर सरकार वायरल हो रहे तमाम वीडियो को एआई से जनरेटेड बता रही है, वहीं विपक्ष इन वीडियो को सच्चाई करार देते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगा रहा है।
इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पूरे मामले की हकीकत जानने के लिए काशी के लिए रवाना हुआ था। हालांकि, रास्ते में ही प्रशासन ने सपा डेलीगेशन को रोक दिया, जिसके बाद राजनीतिक विवाद और तेज हो गया। डेलीगेशन को रोके जाने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार और प्रशासन पर सीधा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा “एआई’ है या ‘सच्चाई’… सपा का डेलीगेशन बस यही जानने काशी गया है। उसको रोकना चोर की दाढ़ी में तिनका है। भाजपा विनाश का दूसरा नाम है।”
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। सपा नेताओं का आरोप है कि सरकार सच्चाई सामने आने से डर रही है, इसलिए प्रतिनिधिमंडल को मौके पर जाने से रोका जा रहा है। फिलहाल मणिकर्णिका घाट रिनोवेशन और वीडियो की सत्यता को लेकर सियासत तेज होती जा रही है और आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।





