भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। मकर संक्रांति समरसता भोज एवं कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान दिया गया उनका बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का विषय बन गया है।
कार्यक्रम के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त की प्रसिद्ध कविता ‘पुष्प की अभिलाषा’ की कुछ पंक्तियां पढ़ते हुए कहा कि वह अब सिर्फ सांसद पद तक सीमित नहीं हैं। वह सांसद पद से ऊपर उठ चुके हैं और यह बात सभी को मान लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि उनके सामने सांसद टिकते नहीं हैं और आसपास कई ऐसे लोग हैं जिन्हें जनता तक नहीं जानती। आगे अपने संबोधन में उन्होंने साफ संकेत देते हुए कहा कि संसद का पद उनके लिए मायने नहीं रखता, लेकिन वह राजनीति में पूरी तरह सक्रिय हैं। उन्होंने कहा,
“एक बार खंभा जरूर गाड़ेंगे,” जिसे आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
अपने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्हें जनता ने रिटायर नहीं किया, बल्कि एक साजिश के तहत उन्हें राजनीति से बाहर करने की कोशिश की गई। उन्होंने दावा किया कि वह उन साजिशकर्ताओं को जवाब देने के लिए फिर से लोकसभा जरूर जाएंगे। सीट को लेकर दिए गए बयान में उन्होंने कहा कि जहां के सांसद का प्रदर्शन कमजोर होगा, उसी सीट से चुनाव लड़ा जाएगा और जो अच्छा काम कर रहा होगा, उसे आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही उन्होंने उन नेताओं पर भी निशाना साधा जो यह सोचते हैं कि वे हमेशा सांसद या मंत्री बने रहेंगे।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे जागरूक होकर सही प्रतिनिधि का चयन करें और जहां बेहतर विकल्प दिखाई दे, वहीं अपनी मोहर लगाएं। बृजभूषण शरण सिंह का यह बयान अब राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे रहा है और आने वाले दिनों में इसके और मायने निकाले जा रहे हैं।





