उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पद पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर रिश्वतखोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कोतवाली नगर थाना क्षेत्र में दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर की गई।
जांच में सामने आया है कि बाल विकास परियोजना कार्यालय तुलसीपुर में तैनात परियोजना लिपिक जमुना प्रसाद, तत्कालीन चयन पटल सहायक रामसुचित वर्मा और बिचौलिया मुन्नालाल जायसवाल उर्फ साधू मिलकर अभ्यर्थियों से रिश्वत वसूल रहे थे।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आंगनबाड़ी भर्ती के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों को बुलाकर उनसे 90 हजार से 1 लाख 40 हजार रुपये तक की मांग की जाती थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि रिश्वत के लेन-देन में फोन कॉल का इस्तेमाल नहीं किया जाता था, ताकि सबूत न मिल सके। रकम नकद में ली जाती थी। मोबाइल और लेन-देन की जांच में खुलासा हुआ है कि रिश्वत से वसूली गई रकम का इस्तेमाल शेयर मार्केट में निवेश और जमीन की खरीद-फरोख्त में किया गया। फिलहाल पूरे मामले में गहन विवेचना जारी है और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक बलरामपुर के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है।





