महोबा जिले के चरखारी क्षेत्र में शुक्रवार को उस वक्त सियासी हलचल मच गई, जब भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने अपनी ही सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रोक दिया। इस घटना के बाद बृजभूषण राजपूत एक बार फिर सुर्खियों में आ गए। चरखारी से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत का जन्म 28 मई 1982 को जालौन के उरई में हुआ था। वह एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता गंगा चरण राजपूत तीन बार लोकसभा सांसद (1989, 1996, 1998) और एक बार राज्यसभा सांसद (2009) रह चुके हैं। बुंदेलखंड की राजनीति में एक समय गंगा चरण राजपूत की मजबूत पकड़ मानी जाती थी।
बृजभूषण राजपूत वर्ष 2017 में पहली बार 17वीं विधानसभा के सदस्य चुने गए। इस दौरान वे विधान पुस्तकालय परामर्शदात्री समिति के सदस्य भी रहे। इसके बाद मार्च 2022 में वे लगातार दूसरी बार 18 वीं विधानसभा के लिए विधायक निर्वाचित हुए। विधायक ने मंत्री को बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र के करीब 100 गांवों में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के कारण सड़कें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं, लेकिन वर्षों बाद भी उनकी मरम्मत नहीं कराई गई। ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार शिकायत के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ, जिससे मजबूर होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
विधायक की बात सुनने के बाद मंत्री स्वतंत्र देव सिंह वाहन से उतरकर पैदल ही विधायक और समर्थकों के बीच पहुंचे। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी उन्हें दी जाए। इसके बाद मंत्री विधायक को साथ लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां करीब एक घंटे तक बैठक चली। बैठक में संबंधित अधिकारियों को जल्द समाधान के निर्देश दिए गए। इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा के भीतर जमीनी असंतोष और योजनाओं के क्रियान्वयन में खामियों की तस्वीर के तौर पर देखा जा रहा है। सवाल उठ रहा है कि जब सत्ताधारी दल के विधायक ही सरकार की योजनाओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं।





