अयोध्या में गैस संकट से मंदिरों की रसोई और प्रसाद व्यवस्था प्रभावित
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे Iran–Israel conflict और बढ़ते तनाव का असर अब भारत के कई हिस्सों में भी महसूस किया जा रहा है, उत्तर प्रदेश के अयोध्या में एलपीजी गैस की कमी के कारण मंदिरों की सामूहिक रसोइयों और प्रसाद बनाने की व्यवस्था प्रभावित हो गई है, गैस की आपूर्ति बाधित होने से कई जगह भोजन और प्रसाद बनाने का काम रुक गया है।
‘श्रीराम रसोई’ को करना पड़ा बंद
अयोध्या में राम मंदिर अयोध्या के पास स्थित अमावा मंदिर की ‘श्रीराम रसोई’ फिलहाल बंद कर दी गई है, मंदिर प्रशासन ने रसोई के बाहर सूचना लगा दी है कि गैस की कमी के कारण यह सेवा अस्थायी रूप से बंद की जा रही है, मंदिर के प्रबंधक पंकज कुमार के अनुसार, यह रसोई रोजाना लगभग 10 हजार श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन कराती थी, लेकिन गैस उपलब्ध न होने की वजह से इसे समय से पहले बंद करना पड़ा, अब यह सेवा तभी फिर से शुरू होगी जब गैस की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। इस फैसले से दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

हनुमानगढ़ी के लड्डू प्रसाद पर भी संकट
गैस की कमी का असर हनुमानगढ़ी मंदिर में मिलने वाले प्रसिद्ध लड्डू प्रसाद पर भी पड़ा है, यहां करीब 150 प्रसाद दुकानदार हैं जो रोजाना बड़ी मात्रा में लड्डू बनाकर श्रद्धालुओं को बेचते हैं, प्रसाद विक्रेता नंद कुमार गुप्ता के अनुसार, गैस की कमी के कारण लड्डू बनाने का काम लगभग बंद हो गया है और फिलहाल दुकानदार पुराने स्टॉक से ही काम चला रहे हैं, आम तौर पर हर दुकानदार रोज 30 से 40 किलो लड्डू तैयार करता है, लेकिन उत्पादन रुकने से आगे की व्यवस्था पर चिंता बढ़ गई है।
पर्यटन और कारोबार पर भी असर
गैस संकट का असर अयोध्या के होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है। कई होटल और ढाबों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे भोजन बनाना मुश्किल हो गया है, रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से गैस की आपूर्ति काफी कम हो गई है और इससे ग्राहकों की सेवा प्रभावित हो रही है, स्थानीय व्यापारियों और संतों का मानना है कि अगर जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो अयोध्या आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भोजन के लिए परेशानी उठानी पड़ सकती है। साथ ही स्थानीय कारोबार पर भी बड़ा असर पड़ सकता है।
सेवा परंपरा पर पड़ा असर
अयोध्या में मंदिरों की सामूहिक रसोइयां और प्रसाद वितरण की परंपरा बहुत पुरानी है, यहां रोज हजारों श्रद्धालुओं को भोजन और प्रसाद मिलता है, लेकिन गैस की कमी के कारण अब यह व्यवस्था प्रभावित हो रही है, स्थानीय लोगों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर अब सीधे आम लोगों की रसोई और धार्मिक सेवाओं तक पहुंच गया है, उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही गैस आपूर्ति सामान्य होगी और अयोध्या की सेवा परंपरा फिर से पहले की तरह चल सकेगी।



