उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के नवनिर्माण के 9 वर्षों पर आधारित एक वार्षिक पुस्तक का विमोचन किया, इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार के कामकाज और प्रदेश में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कई बड़े दावे किए।
नवरात्रि और रमजान शांति से मनाने का दावा
सीएम योगी ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में नवरात्रि और रमजान जैसे त्योहार शांति और सौहार्द के साथ मनाए जा रहे हैं, उन्होंने कहा कि पहले त्योहारों के समय दंगों और कर्फ्यू का डर रहता था, लेकिन अब प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और अराजकता का दौर खत्म हो गया है।
कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि पहले जिन पीएसी (PAC) कंपनियों को समाप्त कर दिया गया था, उन्हें दोबारा सक्रिय किया गया है, साथ ही पहली बार महिला बटालियन की स्थापना भी की गई है, सीएम के मुताबिक इन कदमों से प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है और अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिली है।
युवाओं और रोजगार को लेकर दावे
सीएम योगी ने कहा कि 9 साल पहले प्रदेश के युवाओं के सामने पहचान का संकट था और सरकारी भर्तियों में भ्रष्टाचार के आरोप लगते थे, लेकिन अब भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई गई है और युवाओं को नए अवसर मिल रहे हैं, उन्होंने यह भी कहा कि आज विदेशों में भी उत्तर प्रदेश की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की चर्चा हो रही है और कई निवेशक राज्य में निवेश करने के लिए रुचि दिखा रहे हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश में बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश का केंद्र बन रहा है, उन्होंने बताया कि 2017 से पहले राज्य में लगभग 14,000 उद्योग थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 31,000 से अधिक हो गई है, इसके अलावा उन्होंने 9.12 लाख करोड़ रुपये के बजट को प्रदेश की समृद्धि का इंजन बताया और कहा कि इससे विकास कार्यों को और गति मिलेगी।
एयर कनेक्टिविटी में बड़ा विस्तार
सीएम योगी ने प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी के विस्तार का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि राज्य में अब कई नए एयरपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं और Noida International Airport का उद्घाटन भी जल्द होने वाला है, जिसे देश का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बताया जा रहा है।
नोएडा को लेकर पुरानी धारणा पर बयान
मुख्यमंत्री ने नोएडा जाने को लेकर प्रचलित राजनीतिक धारणा का भी जिक्र किया, उन्होंने कहा कि पहले कई नेता इस डर से नोएडा नहीं जाते थे कि इससे उनकी कुर्सी चली जाएगी, लेकिन उन्होंने इस परंपरा को तोड़ते हुए साफ कहा कि अगर प्रदेश के विकास के लिए जरूरी होगा तो वे कहीं भी जाने से पीछे नहीं हटेंगे।
बदलाव या सिर्फ दावे?
हालांकि इन सभी दावों के बीच एक बड़ा सवाल भी खड़ा होता है, क्या उत्तर प्रदेश में वास्तव में उतना बड़ा बदलाव हुआ है जितना बताया जा रहा है, या फिर यह केवल राजनीतिक बयानबाजी है? कानून-व्यवस्था, निवेश और रोजगार जैसे मुद्दों पर सरकार के दावों की हकीकत क्या है, इस पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और विशेषज्ञों की राय भी अलग-अलग है, फिलहाल इतना जरूर है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में विकास, कानून-व्यवस्था और निवेश जैसे मुद्दे अब चर्चा के केंद्र में हैं, और आने वाले समय में इन दावों की वास्तविकता को लेकर बहस जारी रहने की संभावना है।






