मथुरा में गौरक्षा आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल और ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से प्रसिद्ध संत चंद्रशेखर महाराज की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे ब्रज क्षेत्र में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। इस सनसनीखेज घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लेते हुए साफ संदेश दिया है कि दोषियों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।जानकारी के मुताबिक शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे बाबा चंद्रशेखर को सूचना मिली थी कि गोतस्कर गायों से भरा एक ट्रक लेकर जा रहे हैं। इसके बाद उन्होंने बिना किसी डर के अपनी बाइक से ट्रक का पीछा शुरू कर दिया।
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आरोप है कि पकड़े जाने के डर से तस्करों ने उनकी बाइक में जानबूझकर टक्कर मार दी और उन्हें कुचलते हुए फरार हो गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए समर्थकों ने मथुरा के छाता क्षेत्र में दिल्ली-आगरा हाईवे जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में जुटे लोगों ने नारेबाजी की और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान कुछ स्थानों पर पथराव की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे कई वाहनों को नुकसान पहुंचा और माहौल तनावपूर्ण हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस मामले में तेजी से कार्रवाई कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और कानून व्यवस्था हर हाल में बनाए रखी जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं है और इस जघन्य घटना के दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। चंद्रशेखर महाराज लंबे समय से अवैध गोतस्करी के खिलाफ सक्रिय थे, जिससे वे तस्करों के निशाने पर थे। उनकी हत्या के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।






