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साहिबाबाद में गैस संकट से उद्योग प्रभावित, उत्पादन ठप और रोजगार पर खतरा

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उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में इन दिनों ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है। साहिबाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के मुताबिक, एलपीजी गैस की भारी कमी और पीएनजी कनेक्शन मिलने में देरी के कारण कई फैक्ट्रियों में काम रुक गया है। इस समस्या का असर अब सिर्फ उत्पादन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे मजदूरों के पलायन की स्थिति भी बनने लगी है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश मित्तल ने बताया कि मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर उन उद्योगों पर पड़ा है जो एलपीजी पर निर्भर हैं। खासतौर पर टॉय मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक फैन, पाउडर कोटिंग और वेल्डिंग जैसे सेक्टर बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। कई फैक्ट्रियों में उत्पादन रुक गया है, जिससे समय पर ऑर्डर पूरे नहीं हो पा रहे और कारोबारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

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इंजीनियरिंग से जुड़े उद्योगों की स्थिति और भी खराब है। वेल्डिंग का काम पूरी तरह गैस पर निर्भर होता है, ऐसे में गैस की कमी के चलते ये यूनिट्स बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि पीएनजी कनेक्शन इस समस्या का समाधान हो सकता है, लेकिन इसे लेने की प्रक्रिया काफी लंबी और जटिल है। कई मामलों में कनेक्शन मिलने में 6 महीने से लेकर 1-2 साल तक का समय लग जाता है, जिससे उद्योगों को तुरंत राहत नहीं मिल पा रही है।

इस संकट का असर अब स्थानीय रोजगार पर भी साफ दिखने लगा है। फैक्ट्रियों में काम बंद होने से मजदूरों के सामने रोज़गार का संकट खड़ा हो गया है। अगर यही स्थिति बनी रही तो छोटे और मझोले उद्योग (MSME) सेक्टर को बड़ा नुकसान हो सकता है और कई इकाइयों को बंद करना पड़ सकता है।

साहिबाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने सरकार से इस मुद्दे पर जल्द कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि उद्योगों के लिए एलपीजी की सप्लाई को प्राथमिकता दी जाए और पीएनजी कनेक्शन की प्रक्रिया को तेज करते हुए 30 दिन के भीतर पूरा किया जाए।

अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो साहिबाबाद के औद्योगिक क्षेत्र में उत्पादन और रोजगार दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता है।

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