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“मोदी-शाह कह दें तो उसी दिन छोड़ दूंगा राजनीति” – साक्षी महाराज का भावुक बयान, यूपी की सियासत में हलचल

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उन्नाव से भाजपा सांसद साक्षी महाराज एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने न सिर्फ लोधी समाज की भागीदारी का मुद्दा उठाया, बल्कि अपनी राजनीतिक निष्ठा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से रिश्तों पर भी खुलकर बात की। उनके बयान ने यूपी की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

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लोधी समाज को सम्मान मिलने की उठाई मांग

साक्षी महाराज ने कहा कि लोधी समाज का इतिहास बलिदान और योगदान से भरा है। उन्होंने महारानी अवंतीबाई लोधी और स्वतंत्रता सेनानी गुलाब सिंह लोधी का उदाहरण देते हुए कहा कि यह समाज बिना किसी शर्त के भाजपा का समर्थन करता रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि समाज के लोगों को लगता है कि उन्हें सत्ता और संगठन में अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा, जिस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

प्रशासन पर भी उठाए सवाल

सांसद ने प्रशासनिक रवैये पर भी नाराजगी जताई। खासकर पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की प्रतिमा लगाने के मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिन नेताओं का सम्मान देश का शीर्ष नेतृत्व करता है, उनकी प्रतिमा लगाने के लिए भी संघर्ष करना पड़े, यह दुखद है।

“मैं पद का नहीं, संगठन का आदमी हूं”

अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा पर साक्षी महाराज ने साफ कहा कि उन्हें किसी पद की लालसा नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनका राजनीतिक जीवन स्वर्णकाल में पहुंचा है। भावुक अंदाज में उन्होंने कहा, “मैं मोदी और अमित शाह का कार्यकर्ता हूं। जिस दिन वे कह देंगे, उसी दिन राजनीति छोड़ दूंगा.” उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी ने उन्हें उनकी अपेक्षा से ज्यादा दिया है, इसलिए वे सिर्फ समाज की बात उठाते हैं।

शंकराचार्य विवाद पर संतुलित प्रतिक्रिया

प्रयागराज कुंभ के दौरान शंकराचार्य से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक दृष्टि से वे खुद वरिष्ठ हैं, लेकिन व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने संत समाज को सलाह दी कि नाराजगी को स्थायी विवाद नहीं बनाना चाहिए।

जाति से ऊपर उठकर राजनीति का दावा

साक्षी महाराज ने कहा कि वे कभी जाति की राजनीति में विश्वास नहीं रखते। उन्होंने याद दिलाया कि उन्होंने ऐसे क्षेत्रों से भी चुनाव जीता है जहां लोधी समाज की संख्या कम थी, लेकिन उन्हें सवर्ण समाज का भरपूर समर्थन मिला।

मुलायम सिंह से वैचारिक विरोध, निजी संबंध अच्छे

सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के साथ अपने रिश्तों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिक तौर पर वे विरोधी थे, लेकिन व्यक्तिगत संबंध हमेशा अच्छे रहे। उन्होंने कहा कि आलोचना के बावजूद मुश्किल समय में मुलायम सिंह ने उनका साथ दिया।

2027 में फिर भाजपा सरकार का दावा

2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर साक्षी महाराज ने भरोसा जताया कि भाजपा फिर से मजबूत बहुमत के साथ सत्ता में आएगी। मुख्यमंत्री चेहरे के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा में फैसला शीर्ष नेतृत्व करता है और कार्यकर्ता उसे पूरी तरह स्वीकार करते हैं।

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