उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजधानी लखनऊ से चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि ये सभी देश के अलग-अलग शहरों में आगजनी, विस्फोट और बड़े हमलों की साजिश रच रहे थे। एटीएस की इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं।
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रेलवे स्टेशन के पास से हुई गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार एटीएस ने चारों आरोपियों को लखनऊ में रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने 5 दिन की पुलिस कस्टडी मंजूर कर दी है। अब 5 अप्रैल से 9 अप्रैल तक एटीएस इनसे गहन पूछताछ करेगी।
लखनऊ, अलीगढ़ और नोएडा थे निशाने पर
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लखनऊ, अलीगढ़ और नोएडा जैसे बड़े शहरों में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की योजना बना रहा था। आरोपियों के पास से ऐसे इनपुट मिले हैं जो बड़े पैमाने पर विस्फोट और जनहानि की तैयारी की ओर इशारा करते हैं।
ISI से जुड़े होने का शक
जांच एजेंसियों को शक है कि यह गिरोह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम कर रहा था। बताया जा रहा है कि आरोपी सोशल मीडिया और इंटरनेट के जरिए संवेदनशील सूचनाएं विदेश भेजते थे। एटीएस के अनुसार इस गिरोह का सरगना शाकिब उर्फ “डेविल” बताया जा रहा है, जो पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। आरोप है कि यह लोग रेलवे प्रतिष्ठानों और कुछ नेताओं की रेकी भी कर रहे थे।आरोपियों के पास से सात स्मार्टफोन, आधार कार्ड और कई डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं। जांच में मोबाइल फोन से वीडियो, ग्रुप कॉल रिकॉर्डिंग और संदिग्ध चैट भी मिली हैं। यह भी सामने आया है कि आरोपी वीडियो कॉल के दौरान हथियारों के साथ बातचीत करते थे।एटीएस को इनपुट मिले हैं कि आरोपी गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों में विस्फोट करने और रेलवे सिग्नल सिस्टम में छेड़छाड़ कर ट्रेन हादसा कराने की योजना बना रहे थे, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जान जा सकती थी।जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आतंकी गतिविधियों के लिए इन्हें QR कोड के माध्यम से पैसे मिलते थे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और इंस्टाग्राम के जरिए भी इनका नेटवर्क सक्रिय था।एटीएस ने आरोपियों के पास से ज्वलनशील पदार्थ और कुछ संदिग्ध पम्फलेट भी बरामद किए हैं। एजेंसियों को शक है कि ये लोग पहले भी कुछ जगहों पर आगजनी कर दहशत फैलाने की कोशिश कर चुके हैं।एटीएस अधिकारियों का मानना है कि पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हैं। फिलहाल एटीएस की पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में इस आतंकी मॉड्यूल से जुड़े और बड़े राज सामने आ सकते हैं।






