उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में कानपुर-सागर नेशनल हाईवे-34 अब लोगों के लिए खूनी हाईवे बनता जा रहा है। आए दिन हो रहे सड़क हादसों और लगातार बढ़ती मौतों के खिलाफ आज सर्वदलीय राजनीतिक दलों और गैर राजनीतिक संगठनों ने जिला मुख्यालय में बड़ा आंदोलन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाईवे के चौड़ीकरण और डिवाइडर निर्माण की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया। लेकिन जब डीएम ने मिलने से इनकार कर दिया तो लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।

हमीरपुर के कानपुर-सागर नेशनल हाईवे-34 में लगातार हो रहे सड़क हादसों को लेकर अब जनता सड़क पर उतर आई है। जिले के सुमेरपुर, इंगोहटा और मौदहा समेत कई क्षेत्रों में लगातार बैठकों के बाद आज सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर कलेक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन किया।सैकड़ों की संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर हाईवे पर डिवाइडर और सड़क चौड़ीकरण की मांग करना चाहते थे।

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प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं।प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पिछले एक साल में NH-34 पर 600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 1900 लोग घायल हुए हैं। इसके बावजूद शासन और प्रशासन की ओर से सड़क सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।हालांकि मौके पर एसडीएम और एडीएम स्तर के अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन लोग जिलाधिकारी से सीधे मुलाकात की मांग पर अड़े रहे। डीएम के मिलने से इनकार के बाद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की।

दीपा तिवारी (प्रदर्शनकारी) का बयान
“लगातार हादसे हो रहे हैं, लोग मर रहे हैं, लेकिन प्रशासन सिर्फ आश्वासन दे रहा है। हम चाहते हैं कि इस हाईवे पर जल्द डिवाइडर बने और सड़क चौड़ी की जाए ताकि लोगों की जान बच सके।”प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही हाईवे सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। लोगों का कहना है कि अब यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल की नहीं बल्कि आम जनता की सुरक्षा की है।

युगांक मिश्रा (प्रदर्शनकारी) का बयान
“एक साल में 600 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। इतने बड़े आंकड़े के बाद भी सरकार और प्रशासन गंभीर नहीं है। मजबूर होकर जनता को सड़क पर उतरना पड़ा है।”
फिलहाल हाईवे हादसों को लेकर लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन और सरकार इस आंदोलन के बाद कोई ठोस कदम उठाती है या फिर NH-34 पर हादसों का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा।






