एक दिवसीय दौरे पर कन्नौज पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने सरकार की नीतियों और कामकाज पर कई सवाल खड़े किए।
अखिलेश यादव ने कहा कि जहां विकास की बात होनी चाहिए थी, वहां विनाश देखने को मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर विकास के काम गिनाए जाते, तो समाजवादी पार्टी के समय के काम ही सामने आते। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के एजेंडे में न तो नौकरी है और न ही किसान।
आलू किसानों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने आलू खरीदने का वादा किया था, लेकिन एक किलो भी खरीद नहीं हुई। इससे मंडी व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है।
बीजेपी पर वैचारिक हमला करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने कभी राष्ट्रीय ध्वज को सही मायने में नहीं अपनाया और समाजवादी विचारधारा को भी नजरअंदाज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव हारने के बाद ही बीजेपी को बाबा साहेब आंबेडकर की याद आती है।
विदेश नीति को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उनका कहना था कि देशहित में फैसले नहीं लिए जा रहे हैं, जिसके कारण भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंध कमजोर हुए हैं और आज व्यापार दूसरों की शर्तों पर करना पड़ रहा है।
एनआरसी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को जोड़ने के बजाय बांटने की राजनीति कर रही है।
स्मार्ट मीटर को लेकर उन्होंने कहा कि इसे लागू करने वाले ही अब इसके खिलाफ बोल रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रीपेड मीटर से आम जनता ही नहीं, बल्कि बीजेपी के अपने नेता भी परेशान हैं।
अखिलेश यादव ने अंत में कहा कि समाजवादी पार्टी 2027 के चुनाव की तैयारी में जुट चुकी है और कन्नौज की तीनों सीटें जीतने का लक्ष्य रखा गया है।






