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यूपी में पेट्रोल, डीजल और LPG की सप्लाई पूरी तरह सामान्य, घबराने की जरूरत नहीं

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उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (गैस सिलेंडर) की सप्लाई को लेकर सरकार ने साफ किया है कि राज्य में किसी भी तरह की कमी नहीं है। सभी पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, लगातार निगरानी और बेहतर समन्वय के जरिए आम लोगों तक ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

राज्य में इस समय कुल 13,168 पेट्रोल पंप (रिटेल आउटलेट) काम कर रहे हैं, जिनमें से 12,331 सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) के हैं और 863 निजी कंपनियों के हैं। इसके अलावा 28 सप्लाई डिपो भी सक्रिय हैं। हर दिन औसतन 16 हजार किलोलीटर पेट्रोल और 30 हजार किलोलीटर डीजल की सप्लाई की जा रही है।

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सरकार के अनुसार, वर्तमान में पेट्रोल का लगभग 18 दिनों का और डीजल का 16 दिनों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से खुले हैं और कहीं भी बिक्री पर कोई रोक नहीं है। जनवरी से मार्च 2026 के बीच जितनी खपत सामान्य रहती है, उसी स्तर पर अभी भी बिक्री हो रही है। इसका मतलब है कि मांग स्थिर है और घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बाइंग से बचें।

अगर एलपीजी की बात करें तो राज्य में 4,143 गैस वितरक और 36 बॉटलिंग प्लांट के जरिए करीब 4.88 करोड़ उपभोक्ताओं को सेवा दी जा रही है। फिलहाल गैस वितरकों के पास लगभग 15 दिन का स्टॉक उपलब्ध है। रोजाना औसतन 8.7 लाख सिलेंडर की डिलीवरी की जा रही है। बुकिंग के हिसाब से करीब 4 से 5 दिन के भीतर डिलीवरी दी जा रही है। यानी गैस की सप्लाई भी पूरी तरह स्थिर है।

सरकार ने यह भी बताया कि जरूरी सेवाओं जैसे अस्पताल, स्कूल, रेलवे, रक्षा सेवाएं, होटल-रेस्टोरेंट और इंडस्ट्री को प्राथमिकता के आधार पर गैस की सप्लाई दी जा रही है। पूरे सिस्टम की रोजाना निगरानी की जा रही है ताकि कहीं भी कोई दिक्कत न हो।

डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देते हुए अब 92% गैस बुकिंग ऑनलाइन हो रही है। वहीं 91% मामलों में डिलीवरी के समय Delivery Authentication Code (DAC) का इस्तेमाल किया जा रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे गैस बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यम का ही इस्तेमाल करें और डिलीवरी के समय DAC जरूर साझा करें, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) के क्षेत्र में भी तेजी से विस्तार हो रहा है। राज्य के कई जिलों में इसका नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है, जिससे शहरी इलाकों में गैस सिलेंडर पर निर्भरता कम होगी।

राज्य सरकार, नागरिक आपूर्ति विभाग और ऑयल कंपनियों के बीच रोजाना बैठकें हो रही हैं। हर जिले में निगरानी समितियां सक्रिय हैं और रोज सुबह स्टॉक की जानकारी कंट्रोल रूम को भेजी जाती है।

जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए अब तक 21,939 निरीक्षण किए जा चुके हैं। इस दौरान 12,330 गैस सिलेंडर जब्त किए गए, 245 एफआईआर दर्ज हुईं और 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

अंत में सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें, जरूरत से ज्यादा खरीदारी न करें और गलत खबरें फैलाने से बचें। उत्तर प्रदेश सरकार और ऑयल कंपनियां यह भरोसा दिलाती हैं कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और आगे भी लोगों को बिना किसी रुकावट के ईंधन मिलता रहेगा।

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