राजधानी लखनऊ में उत्तर जोन का बड़ा एक दिवसीय कृषि सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्री, वैज्ञानिक, किसान और एफपीओ एक मंच पर शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया, जबकि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इसमें मौजूद रहे।
प्रेस वार्ता में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह सम्मेलन कृषि विकास और किसानों की समृद्धि से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए आयोजित किया गया है। सरकार का लक्ष्य राज्य सरकारों के साथ मिलकर खेती को मजबूत बनाना और किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर संसाधन और सही जानकारी देना है।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है। गांव-गांव जाकर किसानों से संवाद किया जाएगा। चौपाल लगाई जाएंगी और नई तकनीक व शोध की जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाएगी।
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उन्होंने कहा कि जब तक लैब में हुई रिसर्च किसानों के खेत तक नहीं पहुंचेगी, तब तक उसका पूरा फायदा नहीं मिलेगा। इसलिए सरकार रिसर्च और किसानों के बीच की दूरी खत्म करने का प्रयास कर रही है।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों को समय पर अच्छी गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकता है, ताकि उत्पादन बढ़े और खेती ज्यादा लाभकारी बने।
उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में केंद्र सरकार ने 20 लाख मीट्रिक टन आलू खरीदने की अनुमति दी है। बाजार में आलू के दाम गिरने के कारण यह फैसला किसानों को राहत देने के लिए लिया गया।
इसके अलावा बीज खरीद और कृषि योजनाओं से जुड़े कई अहम फैसले भी लिए गए हैं। उत्तर प्रदेश में आलू क्षेत्र से जुड़ा एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।इस केंद्र से आलू पर रिसर्च, भंडारण, प्रोसेसिंग और किसानों को नई तकनीक देने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में 9 क्लीन प्लांट सेंटर भी बनाए जा रहे हैं, ताकि बागवानी करने वाले किसानों को स्वस्थ और अच्छी गुणवत्ता वाले पौधे मिल सकें।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सम्मेलन में खरीफ और रबी फसलों की तैयारी, सिंचाई व्यवस्था, बारिश की स्थिति और कृषि योजनाओं की समीक्षा भी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि किसान मजबूत बने, खेती लाभकारी बने और देश का कृषि क्षेत्र नई ऊंचाइयों तक पहुंचे।






