पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच उत्तर प्रदेश के चर्चित आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा की तैनाती को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने उन्हें दूसरे चरण के मतदान के लिए पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किया है, जिसके बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
आयोग ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित कराने के लिए 11 वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। इसी कड़ी में “एनकाउंटर स्पेशलिस्ट” के रूप में चर्चित अजय पाल शर्मा को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में तैनात किया गया है। उन्होंने वहां पहुंचकर कार्यभार संभाल लिया है और कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस के नेता और उम्मीदवार जहांगीर खान के खिलाफ कार्रवाई से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद विपक्ष ने इसे मुद्दा बना लिया है
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने “ऑब्जर्वर” के नाम पर अपने एजेंटों को तैनात किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से चुनाव परिणाम प्रभावित नहीं होंगे और “दीदी हैं, दीदी रहेंगी”। अखिलेश यादव ने आगे कहा कि समय आने पर ऐसे अधिकारियों और उनसे जुड़े लोगों की गहन जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
अजय पाल शर्मा के उस वायरल वीडियो के बाद अब समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की इस टिप्पणी की भी जमकर चर्चा हो रही है।






