सोनभद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल तस्वीर एक बार फिर सामने आई है, जहां जिला मेडिकल कॉलेज पिछले 12 घंटे से अंधेरे में डूबा हुआ है। रात करीब 12 बजे से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण अस्पताल की पूरी व्यवस्था चरमरा गई है। भर्ती मरीजों से लेकर ओपीडी में आने वाले लोगों तक सभी को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली न होने की वजह से पैथोलॉजी सेवाएं पूरी तरह बंद हो गई हैं, जिससे ब्लड जांच नहीं हो पा रही है। इतना ही नहीं, पहले से लिए गए ब्लड सैंपल भी 12 घंटे से अधिक समय बीतने के कारण खराब हो चुके हैं, जिससे जांच रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं पानी की आपूर्ति बाधित होने से मरीजों और तीमारदारों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
भीषण गर्मी के बीच अस्पताल में न बिजली है और न ही पानी की समुचित व्यवस्था, जिससे हालात और भी चिंताजनक हो गए हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि आए दिन इस तरह की लापरवाही सामने आती रहती है। कई मरीज बीते दिन भी जांच रिपोर्ट लेने पहुंचे थे, लेकिन बिजली न होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा, और आज भी हालात जस के तस बने हुए हैं।
सी ब्लॉक की प्रभारी डॉ. ज्योति अग्रवाल ने बताया कि इस ब्लॉक में ब्लड जांच, डेंटल और ऑपरेशन थिएटर जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं संचालित होती हैं, लेकिन बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है। उन्होंने हैरानी जताई कि अब तक अस्पताल में जनरेटर या इनवर्टर जैसी बुनियादी बैकअप व्यवस्था क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों से बातचीत कर जल्द ही स्थिति सुधारने का प्रयास किया जाएगा।
फिलहाल, इतने बड़े मेडिकल संस्थान में 12 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप रहने से स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। मरीजों की जान से जुड़ी इस गंभीर लापरवाही पर जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी भी चिंता का विषय बनी हुई है।






