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जनगणना 2027: पहली बार डिजिटल होगी प्रक्रिया, उत्तर प्रदेश में मई 2026 से शुरू होगा पहला चरण

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भारत की जनगणना दुनिया की सबसे बड़ी प्रशासनिक और सांख्यिकीय प्रक्रियाओं में गिनी जाती है। देश में पहली जनगणना वर्ष 1872 में हुई थी, जबकि 1881 में पहली बार इसे पूरे देश में एक साथ आयोजित किया गया। अब आगामी Census of India 2027 इस श्रृंखला की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी, जिसे विकास योजनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दो चरणों में होगी जनगणना

इस प्रक्रिया में भारत में रहने वाले सभी व्यक्तियों—चाहे वे नागरिक हों या गैर-नागरिक—की गणना की जाएगी।

पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना

इस बार जनगणना को पूरी तरह डिजिटल बनाया जा रहा है। खास बात यह है कि इसमें स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प भी दिया गया है। इसके तहत नागरिक खुद ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी भर सकते हैं।

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स्व-गणना की अवधि 7 मई से 21 मई 2026 तक निर्धारित की गई है। जानकारी भरने के बाद एक SE ID जेनरेट होगा, जिसे बाद में प्रगणक के साथ साझा करना होगा। प्रगणक द्वारा सत्यापन के बाद ही प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी। हालांकि यह विकल्प ऐच्छिक है, अनिवार्य नहीं।

घर-घर जाकर जुटाए जाएंगे आंकड़े

पहले चरण के दौरान प्रगणक 22 मई से 20 जून 2026 तक घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे। इस दौरान कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें मकान की स्थिति, परिवार को उपलब्ध सुविधाएं और परिसंपत्तियों से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। यह पूरी प्रक्रिया मोबाइल ऐप के माध्यम से की जाएगी।

गोपनीय रहेगी व्यक्तिगत जानकारी

जनगणना का कार्य Census Act 1948 और जनगणना नियमावली 1990 के तहत किया जाता है। इसके अनुसार, जनगणना में दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। इस डेटा का उपयोग किसी भी जांच, टैक्स या कानूनी साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकता। इसका इस्तेमाल केवल नीति निर्माण और विकास योजनाओं के लिए समेकित रूप में किया जाता है।

बड़े स्तर पर तैनात होंगे कर्मचारी

उत्तर प्रदेश में इस कार्य के लिए करीब 5.25 लाख अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसमें मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, चार्ज अधिकारी, मास्टर ट्रेनर्स, फील्ड ट्रेनर्स और लगभग 5 लाख प्रगणक शामिल होंगे।

राज्य के 75 जिलों, 783 नगरीय निकायों, 350 तहसीलों और करीब 1.04 लाख गांवों में यह कार्य संपन्न कराया जाएगा। इसके लिए लगभग 3.9 लाख मकानसूचीकरण ब्लॉक बनाए गए हैं।

टोल-फ्री नंबर और जागरूकता अभियान

जनगणना से जुड़ी जानकारी के लिए आम जनता के लिए टोल-फ्री नंबर 1855 जारी किया गया है। इसके अलावा, सरकार ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए मीडिया की भूमिका को भी अहम बताया है।

मीडिया और जनता से सहयोग की अपील

प्रशासन ने मीडिया से अपील की है कि वह सही और प्रमाणिक जानकारी का प्रसार करे, अफवाहों का खंडन करे और लोगों को स्व-गणना के लिए प्रेरित करे। वहीं नागरिकों से भी अनुरोध किया गया है कि वे सही जानकारी दें, प्रगणकों का सहयोग करें और इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

विकास की नींव बनेगी जनगणना

Census of India 2027 से प्राप्त आंकड़े आने वाले वर्षों में देश और राज्य की विकास योजनाओं की नींव तय करेंगे। इसलिए इसे केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के भविष्य को आकार देने वाला महत्वपूर्ण अभियान माना जा रहा है।

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