समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर तीखा हमला बोला है। अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राजभर ने अखिलेश यादव की राजनीतिक शैली और हालिया चुनावी रुझानों को लेकर कड़ी टिप्पणी की है।
राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव “ट्वीट, एसी और पीसी के नेता” हैं और उनकी राजनीति ज़मीनी हकीकत से दूर है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें पहले से ही पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों को लेकर कोई संदेह नहीं था। राजभर के मुताबिक, जिस दिन अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी की जीत का समर्थन करते हुए ट्वीट किया, उसी दिन उन्हें हार का अंदेशा हो गया था।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि अखिलेश यादव जिस भी नेता या दल का समर्थन करते हैं, उसे हार का सामना करना पड़ता है। उदाहरण देते हुए राजभर ने कहा कि महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे, दिल्ली में अरविंद केजरीवाल, बिहार में तेजस्वी यादव और केंद्र की राजनीति में राहुल गांधी को समर्थन देने के बावजूद उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
राजभर ने अखिलेश यादव के पिछले चुनावी प्रदर्शन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वह 2014, 2017, 2019 और 2022 के चुनावों में हार चुके हैं और 2027 में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की राजनीति केवल सीमित वोट बैंक पर आधारित है और उनमें व्यापक जनसमर्थन की कमी है। इसके साथ ही राजभर ने अखिलेश के मुख्यमंत्री बनने को भी परिवार की राजनीतिक विरासत का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि 2012 की जीत में मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह यादव की भूमिका अहम थी। अपने बयान के अंत में राजभर ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद अखिलेश यादव की राजनीति खत्म हो जाएगी।






