लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता शादाब चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तेल और सोने के इस्तेमाल को लेकर की गई अपील पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या सरकार खुद अपने खर्चों में कटौती करेगी या पूरी जिम्मेदारी आम जनता पर डाल दी जाएगी।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना में एक सभा के दौरान वैश्विक तेल संकट और खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव का जिक्र करते हुए देशवासियों से संयम बरतने की अपील की थी, पीएम मोदी ने लोगों से तेल की खपत कम करने, इलेक्ट्रिक वाहन और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक इस्तेमाल करने, विदेश यात्राएं टालने और एक साल तक सोना न खरीदने जैसी सलाह दी थी।
AIMIM ने सरकार से पूछे सवाल
PM मोदी की इसी अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने कहा कि आम जनता को जागरूक करना और बचत की सलाह देना अच्छी बात है, लेकिन सिर्फ जनता पर जिम्मेदारी डालना उचित नहीं है, उन्होंने कहा कि सरकार और बड़े उद्योगपतियों की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
शादाब चौहान ने कहा, “क्या सरकार अपने खर्चों में कटौती करेगी? क्या पेट्रोलियम कंपनियों पर भी जिम्मेदारी तय होगी? या फिर हर बार की तरह आम आदमी पर ही बोझ डाला जाएगा?” उन्होंने इसे आम जनता का अपमान बताते हुए सरकारी खर्चों में कटौती की मांग की।
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नितेश राणे के बयान पर भी भड़के शादाब चौहान
वहीं महाराष्ट्र में बीजेपी नेता नितेश राणे द्वारा AIMIM और उसकी पार्टी की तुलना आतंकी संगठन से किए जाने पर भी शादाब चौहान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी, उन्होंने कहा कि इस तरह का बयान हैदराबाद की जनता का अपमान है, जिसने असदुद्दीन ओवैसी को संसद भेजा है।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को जवाब देने वालों में ओवैसी प्रमुख नेताओं में शामिल थे, शादाब चौहान ने नितेश राणे के बयान की जांच की मांग करते हुए कहा कि अगर कोई राजनीतिक दल आतंकवादी संगठन है तो क्या चुनाव आयोग ने उसे मान्यता दी है?
पीएम मोदी ने क्या कहा था?
रविवार को तेलंगाना में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक हालात और तेल संकट को देखते हुए देशवासियों से संसाधनों के संयमित उपयोग की अपील की थी, उन्होंने पेट्रोल-डीजल की बचत, इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल, पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने, विदेश यात्राएं कम करने और एक साल तक सोना न खरीदने जैसी सलाह दी थी, प्रधानमंत्री ने कहा था कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में देशवासियों को जिम्मेदारी के साथ संसाधनों का उपयोग करना चाहिए, ताकि देश आर्थिक चुनौतियों का मजबूती से सामना कर सके।






