Home Bihar अनंत सिंह को कोर्ट से झटका, हथियार प्रदर्शन मामले में नहीं मिली...

अनंत सिंह को कोर्ट से झटका, हथियार प्रदर्शन मामले में नहीं मिली अग्रिम जमानत

14
0

Anant Singh को हथियार प्रदर्शन और वायरल वीडियो मामले में बड़ा कानूनी झटका लगा है। बिहार के गोपालगंज में चल रहे इस मामले में अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर राहत देने से इनकार कर दिया है। एडीजे-1 की अदालत ने मामले को एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है, जहां अब इस केस की अगली सुनवाई बुधवार को होगी।

पूरा मामला मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमरांव गांव में आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ा है। कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें कथित तौर पर विधायक समर्थकों को हथियार लहराते हुए देखा गया। वीडियो में कार्यक्रम के दौरान डांस का दृश्य भी सामने आया था, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप लगे कि कार्यक्रम में अश्लीलता और हथियारों का खुला प्रदर्शन किया गया।

Also Read- कुश्ती का अखाड़ा या ‘बृजभूषण का किला’? विनेश फोगाट के आरोपों से फिर गरमाई भारतीय रेसलिंग

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की। जांच के बाद पुलिस ने Anant Singh समेत कुल 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें दिख रहे हथियारों की जांच कराई जाएगी।

सुनवाई के दौरान पटना हाईकोर्ट से पहुंचे अधिवक्ता कुमार हर्षवर्धन ने अदालत से अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने दलील दी कि विधायक का इस पूरे विवाद से सीधा संबंध नहीं है और उनके खिलाफ राजनीतिक कारणों से मामला बनाया गया है। हालांकि अदालत ने इस दलील पर तत्काल राहत देने के बजाय केस को एमपी-एमएलए कोर्ट भेज दिया।

वरिष्ठ अधिवक्ता Rajesh Pathak ने भी अदालत में कहा कि वायरल वीडियो को एडिट कर भ्रामक तरीके से पेश किया गया है। उनका दावा है कि वीडियो का संबंध सीधे तौर पर अनंत सिंह या किसी भोजपुरी कलाकार से नहीं है। बचाव पक्ष का कहना है कि पूरे मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है।

वहीं पुलिस जांच एजेंसियां अब तकनीकी स्तर पर भी मामले की पड़ताल में जुट गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक वायरल वीडियो को फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा जाएगा ताकि उसकी सत्यता की पुष्टि की जा सके। साथ ही वीडियो में दिखाई दे रहे हथियारों की बैलेस्टिक जांच भी कराई जाएगी। पुलिस को शक है कि कुछ हथियार प्रतिबंधित श्रेणी के भी हो सकते हैं।

इस पूरे विवाद पर Anant Singh पहले ही सफाई दे चुके हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कोई कानून नहीं तोड़ा और जब वे कार्यक्रम में पहुंचे तब कुछ लोग पहले से हथियार लेकर मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि उनका उन हथियारों से कोई संबंध नहीं है।

अनंत सिंह ने यह भी कहा कि यदि किसी कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से विशेष नियम लागू होते हैं, तो इसकी जानकारी पहले से आयोजकों और जनप्रतिनिधियों को दी जानी चाहिए।

अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में होगी। राजनीतिक और कानूनी हलकों में इस केस पर सभी की नजर बनी हुई है, क्योंकि आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और अदालत की कार्रवाई से मामले में नए खुलासे हो सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here