उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने संसदीय परंपराओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पहली बार “उत्कृष्ट विधायक” सम्मान के लिए विधायक का चयन किया है। विधानसभा की विशेष समिति ने सर्वसम्मति से प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के नाम पर मुहर लगाई है।
15 मई 2026 को विधान भवन में आयोजित बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक विधानसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई, जिसमें उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय समेत समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।उत्तर प्रदेश विधानसभा के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी विधायक को “उत्कृष्ट विधायक” सम्मान के लिए चुना गया है। इसके लिए वर्ष 2023 में विधानसभा की नियमावली में विशेष प्रावधान जोड़ा गया था। उद्देश्य यह है कि सदन में बेहतर संसदीय आचरण और सक्रिय योगदान देने वाले जनप्रतिनिधियों को पहचान मिल सके।

समिति ने विधायक के संसदीय अनुभव, सदन में भागीदारी, समितियों में योगदान, संसदीय मर्यादाओं के पालन और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका को चयन का आधार बनाया।सुरेश कुमार खन्ना शाहजहांपुर से लगातार नौवीं बार विधायक चुने गए हैं और विधानसभा के वरिष्ठ सदस्यों में गिने जाते हैं। संसदीय कार्य मंत्री के रूप में सदन संचालन में उनकी भूमिका को अहम माना जाता है। समिति ने उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और शांत संसदीय व्यवहार को सम्मान के लिए उपयुक्त बताया।
वित्त मंत्री के रूप में भी सुरेश कुमार खन्ना कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उन्होंने “वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम” में उत्तर प्रदेश सरकार का प्रतिनिधित्व किया है। इसके अलावा “इन्वेस्ट यूपी” अभियान के तहत निवेश आकर्षित करने में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

विधानसभा अध्यक्ष ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे नए विधायकों को प्रेरणा मिलेगी और सदन में सकारात्मक व रचनात्मक राजनीति को बढ़ावा मिलेगा। समिति के सदस्यों का मानना है कि इस तरह के सम्मान से लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बढ़ेगी और संसदीय परंपराओं को मजबूती मिलेगी। चयनित विधायक को विधानसभा के भीतर आयोजित विशेष समारोह में सम्मानित किया जाएगा।

इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उत्कृष्ट विधायक का चयन होने से नव-निर्वाचित विधायकों को प्रेरणा मिलेगी और वे सदन में बेहतर प्रदर्शन और सकारात्मक योगदान देने का प्रयास करेंगे। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश विधानसभा के इतिहास में एक ऐतिहासिक कदम बताया। इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी चर्चा की गई थी और मुख्यमंत्री ने भी इस पहल को सहमति देते हुए मार्गदर्शन दिया।
15 मई 2026 को शाम 4 बजे विधान भवन में “उत्कृष्ट विधायक समिति” की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष ने की, जिसमें उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय समेत समिति के अन्य सदस्य शामिल हुए।






