सहारनपुर में डीआईजी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन और सड़क जाम करने के मामले में समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन समेत 31 लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों को नामजद करते हुए 25 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया है। घटना को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्षी दलों ने इसे लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कार्रवाई बताया है, जबकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था प्रभावित हुई और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा, जिसके चलते कानूनी कार्रवाई की गई।
जानकारी के मुताबिक, डीआईजी कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ धरना प्रदर्शन किया गया था। आरोप है कि इस दौरान सड़क जाम कर यातायात बाधित किया गया और प्रशासनिक कार्यों में भी व्यवधान पैदा हुआ। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वहीं समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को दबाने के लिए सरकार राजनीतिक द्वेष की भावना से कार्रवाई कर रही है। मामले को लेकर जिले की सियासत भी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इसे लेकर और बयानबाजी देखने को मिल सकती है।






