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‘हरा गमछा वालों को खोजो’ बयान पर विवाद: बिहार AI समिट में सीएम सम्राट चौधरी के बयान से सियासी हलचल

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बिहार एआई समिट के उद्घाटन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के एक बयान ने नया सियासी विवाद खड़ा कर दिया है, कार्यक्रम में सीसीटीवी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर चर्चा के दौरान दिए गए उनके बयान को लेकर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

AI और CCTV पर चर्चा के दौरान दिया गया बयान

ऊर्जा स्टेडियम में आयोजित ‘बिहार AI समिट-2026’ के दौरान मुख्यमंत्री ने पटना में लगे हजारों सीसीटीवी कैमरों का जिक्र करते हुए कहा “अगर AI से कह दिया जाए कि ‘हरा गमछा’ वालों को खोजो, तो तुरंत सभी को पकड़ लेगा,” इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई, और इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस शुरू हो गई।

बयान के बाद दी सफाई

विवाद बढ़ने पर मुख्यमंत्री ने बाद में सफाई दी कि उनका किसी खास व्यक्ति या समूह को निशाना बनाने का इरादा नहीं था, उन्होंने कहा कि यह बात मजाकिया लहजे में कही गई थी और इसे गलत तरीके से नहीं लिया जाना चाहिए हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान अप्रत्यक्ष रूप से विपक्षी दल RJD की ओर इशारा करता है, क्योंकि पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता हरे रंग के गमछे का इस्तेमाल करते हैं।

विपक्ष का हमला

RJD ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा “सीएम को इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। हरा रंग किसी राजनीतिक पहचान का प्रतीक नहीं, बल्कि गंगा-जमुनी तहज़ीब और खुशहाली का प्रतीक है।”

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‘ऑपरेशन लंगड़ा’ और कानून व्यवस्था पर बहस

बिहार में अपराधियों के खिलाफ चल रहे ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ को लेकर भी सियासी बहस तेज है, विपक्ष ने आरोप लगाया है कि कार्रवाई में जातीय आधार पर भेदभाव किया जा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी है।

बिहार AI समिट का उद्देश्य

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मौके पर ‘बिहार AI समिट-2026’ का उद्घाटन करते हुए कहा कि राज्य को एआई हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है, उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य की तकनीक है और सभी विभागों में इसका अधिकतम उपयोग जरूरी है, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुई डिजिटल क्रांति का भी उल्लेख किया और AI को विकास का अहम हिस्सा बताया।

AI समिट जैसे तकनीकी मंच पर दिया गया यह बयान अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है, जहां सरकार इसे हल्के-फुल्के अंदाज में दिया गया बयान बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक तंज के रूप में देख रहा है, आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने की संभावना है।

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