बिहार की राजनीति में पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन एक बार फिर अपने तीखे बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं, लगातार उनके राजनीतिक बयान चर्चा का विषय बने हुए हैं और अब उनका एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दिल्ली की बैठक में दिया बयान
सूत्रों के मुताबिक, यह वीडियो 24 मई का बताया जा रहा है, जो दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की बैठक का है, इस कार्यक्रम में आनंद मोहन अपने बेटे अंशुमन आनंद के साथ शामिल हुए थे, इसी बैठक के दौरान उन्होंने जेडीयू नेता ललन सिंह, संजय झा और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का नाम लेते हुए कई सवाल खड़े किए।
“क्या ये लोग सवर्ण नहीं हैं?” – आनंद मोहन
अपने बयान में आनंद मोहन ने कहा कि जब विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होती है तो कुछ नामों को लेकर अलग रवैया क्यों अपनाया जाता है, उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि “ललन सिंह यूजीसी के मुद्दे पर नहीं बोलते, लेकिन आनंद मोहन पर लोग बोलते हैं… वे भी सवर्ण हैं। संजय झा पर क्यों नहीं बोला जाता, वे भी सवर्ण हैं,” उन्होंने आगे नितिन नवीन का नाम लेते हुए भी इसी तरह के सवाल उठाए।
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“राजपूत समाज को क्यों नहीं मिला प्रभावशाली मंत्रालय?”
आनंद मोहन ने जातीय प्रतिनिधित्व को लेकर भी सवाल उठाए, उन्होंने कहा कि अगर बिहार में राजपूत समाज के सबसे ज्यादा विधायक हैं, तो उन्हें प्रभावशाली मंत्रालय क्यों नहीं दिया जाता, उन्होंने यह भी कहा कि जब वे अपनी बात रखते हैं, तो उनके ही समाज के कुछ लोग भी उनका विरोध करते हैं।
राजनीतिक अभियान की तैयारी?
सूत्रों के अनुसार, आनंद मोहन जल्द ही बिहार में एक राजनीतिक अभियान शुरू कर सकते हैं, बताया जा रहा है कि वे फिलहाल दिल्ली में हैं और 27 मई को पटना लौटेंगे, करीबी सूत्रों का दावा है कि वे पूरे बिहार में एक यात्रा शुरू करने की योजना बना रहे हैं, जिसकी शुरुआत नालंदा से हो सकती है।
बिहार की सियासत में बढ़ी हलचल
आनंद मोहन के लगातार आ रहे बयानों और संभावित राजनीतिक सक्रियता को लेकर बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है, उनके बयान एक बार फिर जातीय राजनीति और सत्ता संतुलन की बहस को हवा दे रहे हैं, आनंद मोहन का यह बयान बिहार की राजनीति में नए विवाद और बहस को जन्म देता दिख रहा है, अब देखना होगा कि उनके आगामी राजनीतिक कदम राज्य की सियासत को किस दिशा में ले जाते हैं।






