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Hamirpur में दर्दनाक हादसा: तालाब में डूबने से तीन मासूम दोस्तों की मौत, पूरे गांव में मातम

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उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली क्षेत्र के खंडेह गांव में सोमवार को दर्दनाक हादसा हो गया। गांव के रामजानकी मंदिर के पीछे स्थित तालाब में नहाने गए तीन मासूम दोस्तों की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।मृत बच्चों की पहचान 11 वर्षीय प्रबल, 8 वर्षीय आदित्य और 10 वर्षीय भोला उर्फ सुमित के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तालाब में मिट्टी खनन से बने गहरे गड्ढों और सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण यह हादसा हुआ।

भीषण गर्मी से राहत पाने गए थे तालाब

जानकारी के मुताबिक भीषण गर्मी और लू से राहत पाने के लिए तीनों बच्चे तालाब में नहाने गए थे। तीनों कक्षा छह में पढ़ते थे और बेहद करीबी दोस्त थे।नहाते समय अचानक तीनों बच्चे तालाब में बने गहरे गड्ढे में चले गए और पानी में डूबने लगे। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर तालाब किनारे मौजूद ग्रामीण मदद के लिए दौड़े, लेकिन तब तक तीनों मासूम गहरे पानी में समा चुके थे।

एक घंटे की मशक्कत के बाद निकाले गए शव

घटना की जानकारी बच्चों के एक साथी ने परिजनों को दी। सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजन, ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंचे और तालाब में बच्चों की तलाश शुरू की गई।करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तीनों बच्चों को तालाब से बाहर निकाला गया। उन्हें तुरंत मौदहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।

“ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे” — मौत भी नहीं कर सकी जुदा

गांव के लोगों के अनुसार प्रबल, आदित्य और भोला की दोस्ती पूरे इलाके में मिसाल मानी जाती थी। स्कूल जाना हो, बाजार जाना हो या खेलना-कूदना, तीनों हमेशा साथ रहते थे।सोमवार को भी वे एक साथ घर से निकले थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनका आखिरी सफर होगा। ग्रामीण भावुक होकर कह रहे हैं कि मौत भी इन पक्के दोस्तों को जुदा नहीं कर सकी।पोस्टमार्टम के बाद देर शाम जब तीनों बच्चों के शव एक ही वाहन से गांव पहुंचे, तो माहौल बेहद गमगीन हो गया। गांव में मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं।

प्रशासन ने घोषित की आर्थिक सहायता

हादसे के बाद प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं ग्रामीणों ने तालाब में मिट्टी खनन और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की मांग उठाई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तालाब के आसपास सुरक्षा इंतजाम होते और गहरे गड्ढों को चिन्हित किया गया होता, तो शायद यह दर्दनाक हादसा टल सकता था।

गांव में पसरा मातम

तीन मासूम बच्चों की एक साथ मौत से पूरे खंडेह गांव में शोक की लहर है। हर तरफ सिर्फ बच्चों की दोस्ती और इस दर्दनाक हादसे की चर्चा हो रही है।गांव के लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि तालाबों और खनन स्थलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।